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अखिलेश-माया की दोस्ती पर अमर सिंह का तंज, 'सिर्फ ''बुआ और बबुआ'' होंगे साथ'

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

देश में आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए सियासी संग्राम छिड़ चुका है. उत्तर प्रदेश की राजनीति में घोर विरोधी बहुजन समाज पार्टी सुप्रिमो मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक साथ चुनावी दांव आजमाने का मूड बना लिया है. ऐसे में राजनीति महकमे में अचानक से शोर बढ़ गया है. 

इस बीच समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता और मुलायम सिंह यादव के करीबी अमर सिंह ने तीखा तंज कसते हुए इस गठबंधन को आड़े हाथ लिया है. राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने माया-अखिलेश की इस दोस्ती पर जमकर बरसे. उन्होंने इस मिलाप को सिर्फ मायावती और अखिलेश का मिलना बताया और तंज कसते हुए बुआ-बबुआ भी कह डाला.

आक्रोशित अंदाज में नज़र आए अमर सिंह ने सपा-बसपा गठबंधन पर कहा कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक हमेशा मुलायम सिंह जी ही रहेंगे. अब वो इस विकास से पूरी तरह कट गया है. बैनर पर, मायावती, मुलायम सिंह और अखिलेश एक साथ नहीं होंगे. यहां सिर्फ अखिलेश और मायावती ही होंगे, 'बुआ और बबुआ'

हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर SP और BSP के गठबंधन का स्वागत किया है.

बता दें, लखनऊ के गोमती नगर स्तिथ होटल ताज में दोनों ही नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर संबोधित किया. दोनों दलों ने गठबंधन का ऐलान करते हुए 38-38 सीटों पर चुनाव लडने का फैसला किया है. मायावती ने कहा कि वे कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेंगे लेकिन अमेठी और रायबरेली कांग्रेस के लिए छोड़ रहे हैं. 

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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में बीते विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने साथ-साथ चुनावी दांव आजमाया था लेकिन दोनों के गठबंधन को मुह की खानी पड़ी थी और बीजेपी ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता हासिल किया था. 

गठबंधन में कांग्रेस की भूमिका शामिल नहीं करने को लेकर मायावती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस पार्टी को भ्रष्टाचार की पार्टी के नाम से नवाज दिया. बोफोर्स घोटाले का हवाला देते हुए उन्होंने बीजेपी पर भी जुबानी प्रहार किया. मायवती ने कहा -कांग्रेस को बोफोर्स ने हराया था और बीजेपी को राफेल हराएगी.

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