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"मैं अपने बयान पर कायम, लेकिन कंधार विमान अपहरण में शामिल लोगों को किसने छोड़ा?"- सिद्धू

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान का आतंकवाद को लेकर चेहरा एक बार फिर बेनकाब हुए गया. लेकिन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के 'खास दोस्त' और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर देश की धारा के विरुध जाकर पाकिस्ताना का समर्थन किया, लेकिन अब वो उनके लिए सिरदर्द साबित हो रहा है.

लेकिन बावजूद इसके सिद्धू अपने बयान पर अब भी कायम हैं. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ' मैं अपने रुख पर आज भी कायम हूं. आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जो लोग भी इसके जिम्मेदार हैं, उनको सख्त सजा मिलनी चाहिए.

उन्होंने आगे कंधार कांड का जिक्र करते हुए कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि 1999 के कंधार की घटना में शामिल लोगों को किसने रिहा किया? इसकी जिम्मेदारी किसकी है? हमारी लड़ाई उनके खिलाफ है। सैनिक क्यों मरना चाहिए? कोई स्थायी समाधान क्यों नहीं हो सकता है?

दरअसल पंजाब विधानसभा में जारी सत्र के दौरान विपक्ष ने सिद्धू को आड़े हाथों लिया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की. मुख्य विपक्षी दल शिरोमणि अकाली दल के विधायकों ने सिद्धू के बयान पर उनसे सफाई मांगी, जिसके बाद सदन में जमकर बवाल हुआ और विधायक एक- दूसरे के आमने- सामने आ गए. 

अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया  और सिद्धू के बीच तीखी नोकझोंक हुई और कांग्रेसी नेता पर निशाना भी साधा. पंजाब विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत से पहले मजीठिया के नेतृत्व में अकाली दल के नेताओं ने उन तस्वीरों को जलाया जिनमें सिद्धू पाकिस्तान सेना प्रमुख से गले मिलते नजर आ रहे थे.

बता दें, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए सिद्धू पिछले साल 18 अगस्त को पड़ोसी देश गए थे।

मजीठिया ने सदन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "किसी भी चीज से पहले, हम कांग्रेस और पंजाब सरकार का स्पष्ट रुख जानना चाहते हैं। क्या वे पाकिस्तान के सेना प्रमुख और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की निंदा करते हैं?"

मजीठिया ने कहा कि, "पुलवामा आतंकी हमले की निंदा करने के लिए सदन में एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित करने के बाद सिद्धू अब भी कहे रहे हैं कि आ ‘‘आप पाकिस्तान को दोषी नहीं ठहरा सकते, आप किसी एक व्यक्ति को दोषी नहीं ठहरा सकते।’’  "

पूर्व अकाली मंत्री ने कहा, "हम चाहते हैं कि सिद्धू को उनके बयानों के लिए मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया जाए।"

प्रश्नकाल शुरू होते ही, SAD-BJP विधायकों ने खड़े होकर सिद्धू के खिलाफ नारे लगाए।शिअद-भाजपा विधायकों ने काले बैज लगाए थे। सिद्धू जब मामले पर बोल रहे थे तब शिअद-भाजपा के विधायकों ने नारेबाजी कर उनके वक्तव्य को बाधित करने की कोशिश भी की।

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