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तो इस वजह से छोड़ी के. चंद्रशेखर राव ने तेलंगाना की कमान ..

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. के चंद्रशेखर राव चाहते हैं कि साल 2018 के आखिर में होने वाले चार राज्यों के चुनावों के साथ तेलंगाना में चुनाव कराए जाए. बता दें, इस साल के आखिर में छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और मध्य प्रदेश विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं. केसीआर ने बीते रविवार को एक मेगा रैली में ही सीएम पद छोड़ने के संकेत दिए थे. फिलहाल चंद्रशेखर राव तेलंगाना के कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे.

के. चंद्रशेखर क्यों चाहते हैं जल्दी हो चुनाव  ?

तेलंगाना में समय से पहले चुनाव कराने के पीछे कई कारण हैं. जल्दी चुनाव कराने के पीछे चंद्रशेखर राव की एक सोची समझी रणनीति है. बताया जा रहा है कि TRS के सभी नेता जल्दी चुनाव कराने के पक्ष में थे. ताकि जनता का समर्थन उनको फिर से मिल सके. खबरों के मुताबिक हाल ही में TRS की तरफ से एक सर्वे कराया गया था जिसमें TRS को फिर से पूर्णबहुमत के साथ सत्ता में आने की उम्मीद जताई गई थी. जल्दी चुनाव कराने के पीछे ये एक मुख्य वजह मानी जा रही है.

केसीआर ने तेलंगाना विधानसभा की 119 सीटें में से 105 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. दिलचस्प बात ये है कि चंद्रशेखर ने उन सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है जिन सीटों से भारतीय जनता पार्टी के विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. 

कांग्रेस पर बरसे चंद्रशेखर -

वहीं KCR ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला है. केसीआर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, हम असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ काम करेंगे. असदुद्दीन ओवैसी दिल्ली में हमेशा तेलंगाना के मुद्दे को उठाते हैं. मैं ओवैसी को इसके लिए धन्यवाद करना चाहता हूं.  

वहीं कांग्रेस पार्टी ने केसीआर पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस पार्टी का कहना है कि चंद्रशेखर को लोगों ने पांच सालों के लिए चुना था न कि साढ़े चार सालों के लिए. कांग्रेस का कहना है कि केसीआर द्वारा चुनाव में कई वादे किए गए थे जिन्हें अभी तक पूरा नहीं किया गया है. कांग्रेस ने कहा है कि 'KG to PG 'मुफ्त शिक्षा अभियान और  गरीब लोगों के लिए 2BHK हाउसिंग स्कीम जैसे प्रोजेक्ट अभी भी ठंडे बस्ते में पड़े हैं.

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