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राजस्थान: चुनावी शोर के बीच अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचे राहुल गांधी

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

देश में चुनावी सीजन उफान पर है. राजनीतिक जंग के बीच हर पार्टी अपना एड़ी-चोटी का जोर लगाकर रणभूमि फतेह करने की चाहत सीने में लिए बैठी है. सियासी दांव पेंच के बीच सभी पार्टियां अपने विरोधी दल को मात देने के लिए अपने-अपने पैंतरे आजमा रही है. इस बीच विधानसभा चुनाव में राजस्थान दौरे पर पहुंचे कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांध आज अजमेर पहुंचे..

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी आज अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचे जहां उन्होंने अपनी और पार्टी की तरफ से अक़ीदत की चादर पेश की. सूफी संत हज़रत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की बारगाह में राहुल की ज़ियारत को लेकर कड़ी सुरक्षा की गई थी तो कुछ वक्त के लिए आम ज़ायरीन के प्रवेश पर रोक भी लगा दी गई थी. दरगाह के निज़ाम गेट से होते हुए राहुल गांधी अपने लश्कर के साथ ख्वाजा साहब के आस्ताना शरीफ पहुंचे थे.

इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पीसीसी चीफ़ सचिन पायलेट और अन्य कांग्रेस नेताओं सहित अजमेर से कांग्रेस उम्मीदवारों ने भी दरबार मे चादर पेश की. दरगाह ज़ियारत के दरमियान ख्वाजा साहब के मज़ार पर गांधी परिवार के लिए खास दुआ भी की गई तो राहुल गांधी ने देश मे अमन शांति और खुशहाली के साथ भारत के विश्वगुरु बनने की दुआ भी मांगी

गांधी परिवार के दरगाही मुजावर सैय्यद गनी गुर्देजी ने राहुल और उन्हें साथियों की ज़ियारत करवाई तो खादिमों की संस्था अंजुमन ने भी दरबार से बाहर आते वक्त पायेती गेट पर दस्तारबंदी कर तबर्रुख भेट किया. राहुल गांधी के वापस लौटते वक्त दरगाह कमेटी ने भी बुलंद दरवाज़ा पर दरगाह का मूमेंट देकर दस्तार की. दरगाह के मुख्य द्वार निज़ाम गेट पर राहुल की एक झलक पाने के लिए लोगो की भीड़ दिखाई दी तो राहुल ने भी अपनी दादा इंद्रा गांधी और पापा राजीव गांधी की स्टाइल में सभी का सम्मान किया. इसके बाद वो पुष्कर के लिए रवाना हो गए.

गौरतलब है कि टिकट बंटवारे वो लेकर राजस्थान कांग्रेस में खासा नाराजगी देख गई थी. राहुल गांधी के घर के बाहर लोगों ने काफी देर तक विरोध प्रदर्शन किया था. 

लाजमी है राजस्थान में इस बार भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखी जा रही है. तमाम सर्वे इस बार दोनों ही पार्टियों के बीच कड़ी टक्कर की बात कर रही है. सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी के लिए राजस्थान के किले को अपने खाते से गंवाना नहीं चाहती है. तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस राजस्थान में जीत का ताज अपने नाम करने के लिए बेकरार है. राजस्थान में 200 विधानसभा सीटों के लिए 7 दिसंबर को मतदान और 11 दिसंबर को नतीजे सामने आएंगे.

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