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विपक्ष पर पीएम मोदी का प्रहार : A-SAT पर कांग्रेस में प्राथमिक ज्ञान का अभाव

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

लोकसभा चुनाव 2019 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नंबर वन न्यूज नेटवर्क रिपब्लिक टीवी को धमाकेदार इंटरव्यू दिया। रिपब्लिक भारत के एडिटर इन चीफ़ अर्नब गोस्वामी से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई अहम मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। 

भारत के 'मिशन शक्‍ति' (Mission Shakti Anti Satellite) की कामयाबी पर देश वासियों को बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसपर कांग्रेस में प्राथमिक ज्ञान का अभाव है। A-SAT टेस्ट से पहले लंबी ग्लोबल प्लानिंग चाहिए होती है। 

पीएम मोदी ने इसपर विस्तार से बात करते हुए कहा कि विपक्ष में छोटे कोई दल करें तो समझा सकता है लेकिन कांग्रेस जैसी पार्टी जो कि लंबे अरसे तक देश में शासन किया है और काफी अनुभवी नेता उनके पास हैं। तो ऐसे में कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि यह विषय है क्या और किसी भी विषय पर बोलने के लिए जो प्राथमिक ज्ञान चाहिए, उसका भी कांग्रेस में अभाव दिखाई देता है।

पीएम मोदी ने कहा 'इस तरह के प्रयोग अचानक नहीं होते इसके लिए दुनिया के देशों को इस बात से अवगत करना होता है कि हमें अंतरिक्ष में जगह चाहिए ताकि कोई अप्रिय घटना ना हो जाए। '

विपक्ष के द्वारा मिशन शक्ति की टाइमिंग पर सवाल उठाने पर पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया से तालमेल करके आपको समय मिलता है तभी आपको परीक्षण का समय मिलता है। और जहां तक चुनाव आयोग की आचार संहिता का सवाल है तो अगर मान लीजिए कि कहीं प्राकृतिक आपदा तो सरकार ये कहकर थोड़ी रूक जाएगी कि अभी चुनाव आचार संहिता लागू है हम कुछ नहीं कर सकते। ऐसा तो हो नहीं सकता है। कई बार ऐसा हुआ है कि चुनाव आयोग आचार संहिता लागू होने के बावजूद राज्य सरकार अपना जरूरी काम करती हैं। 

जहां तक विपक्ष के सवालों की बात है तो अगर इस देश की जनता उनके सवालों को देखें तो यह पक्का कर लेगी कि इन्हें बेसिक ज्ञान भी नहीं है। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस उपलब्धि के लिए वैज्ञानिकों की सराहना की लेकिन यह भी कहा कि इसका श्रेय राजनीतिक फायदे के लिए प्रधानमंत्री को नहीं लेना चाहिए था।

बता दें अंतरिक्ष के क्षेत्र में हासिल की गई भारत की उपलब्धि पर कांग्रेस पार्टी के नेता अहमद पटेल ने कहा कि इस मिशन की शुरुआती यूपीए सरकार शासन के दौरान ही हुई थी जो आज पूरा हुआ है।  साथ ही कांग्रेस ने लिखा कि हम इसरो, डीआरडीओ और केंद्र सरकार को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हैं. भारतीय स्पेस प्रोग्राम की शुरुआत 1962 में जवाहर लाल नेहरू की अगुवाई में हुई थी और इसरो का गठन भी इंदिरा गांधी के कार्यकाल में ही हुआ था।

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