Elections

महबूबा मुफ्ती ने फिर दी खुली धमकी, '370 खत्म करेंगे अमित शाह, तो भारत से नाता तोड़ लेगा कश्मीर'

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

कश्मीर पर पाकिस्तान के 'ना' पाक साजिश से हर कोई वाकिफ़ है, लेकिन जब किसी सियासी पार्टी की प्रमुख और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री पाकिस्तान के सुर में सुर मिलकर बयान देने लगे, तो यकीनन बात फिर ज्यादा गंभीर हो जाती है। क्योंकि इस तरह के बयानों को सिर्फ राजनीतिक बयान समझकर नहीं छोड़ जा सकता। 

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने एक फिर दिया देशविरोधी बयान दिया है। दरअसल  महबूबा मुफ्ती से जब अमित शाह के 2020 तक धारा 370 हटाने को लेकर सवाल पूछा गया था, जिसके जवाब में पीडीपी नेता ने कहा कि तो समझ लिजिए जम्मू कश्मीर की देश के साथ विलय संधि खत्म करने की डेडलाइन होगी।

बीजेपी नेता और जम्मू-कश्मीर के विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष  कविंदर गुप्ता ने महबूबा के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि इन लोगों का अपने दिमाग से नियत्रंण खत्म हो गया है या इनमें इस बात की निराशा है कि इनकी पार्टी राज्य में खत्म होती जा रही है। आज ये एक आपराधी को पार्टी ज्वाइन करा रही हैं। तो इनसे क्या उम्मीद की जा सकती है। ये पहले ही पाकिस्तान परस्त लोग हैं और हमेशा जमात ए इस्लामी लश्कर ए तैयाब जैसे आतंकी संगठनों का समर्थन करते हैं। इससे साफ होता है कि इनके तार  पाकिस्तान के साथ जुड़े हैं और इनके लिए राज्य में कोई जगह नहीं है।  

बता दें, यह पहले बार नहीं जब महबूबा मुफ्ती ने इस तरह का बयान दिया हो। मंगलवार को धारा 370 पर महबूबा मुफ्ती की खुली धमकी दी है और कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर में  आर्टिकल 370 से छेड़छाड़ की गई तो, देश का तिरंगा ना ही हमारे हाथों में होगा और ना ही कंधे पर रहेगा।

इस दौरान महबूबा ने BJP अध्यक्ष को ललकारते हुए ये कहा, ''अमित शाह साहब को मैं कहना चाहती हूं, अमित शाह साहब आप किसी मुंगेरी लाल के ख्वाब देख रहे हो। जो आप ये सोचते हो कि आर्टिकल 370 खत्म। 370 हिंदुस्तान और कश्मीर के लोगों के बीच में एक पुल है। जब आप इस पुल को तोड़ोगे, तो महबूबा मुफ्ती जैसी मेन स्ट्रीम पॉलिटिशियन, जो हिंदुस्तान की आहीन की कसम खाती हैं, जो जम्मू-कश्मीर के आहीन की कसम खाते हैं। हमको सोचना पड़ेगा कि हमको क्या करना है। हमने हिंदुस्तान का झंडा यहां फहराया है अगर आपने 370 के साथ छेड़छाड़ करा तो ये झंडा हमारे हाथों में भी नहीं रहेगा, हमारे कंधों पर भी नहीं रहेगा।''

इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि हम आर्टिकल 370 हटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं लेकिन एकमात्र रुकावट राज्यसभा में हमारा बहुमत न होना है और आशा है कि यह तस्वीर 2020 में बदल जाएगी।

DO NOT MISS