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वंदे मातरम पर रोक को लेकर शिवराज ने CM कमलनाथ से पूछे तीखे सवाल, ''किसे खुश करना चाहते हैं''

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

मध्यप्रदेश में हर महीने के पहले कामकाजी दिन भोपाल स्थित मंत्रालय में राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" गाने की 13 साल पुरानी परंपरा टूटने को लेकर सियासी घमासान लगातार जारी है. इस बीच प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार पर जोरदार निशाना साधा है. उन्होंने सवाल पूछा है कि ऐसा करके वो किसे खुश करना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, ''ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है वंदे मातरम जो राष्ट्र भक्ति का मंत्र है और आज भी देश भक्ति की भावनाए लोगों के सीने में प्रज्वलित जिस मंत्र के कारण होती है. उस वंदे मातरम पर हम हर महीने की पहली तारीख को बल्लभ भवन के सामने वंदे मातरपम गाया करते थे. उसके बाद महीने का काम शुरू करते थे.''

शिवराज ने कहा कि कैबिनेट की मेरी हर बैठक जब मैं मुख्यमंत्री था. वंदे मातरम हम पहले गाते थे उसके बाद कैबिनेट की बैठक प्रारंभ करते थे. इस सरकार ने आते ही वंदे मातरम पर रोक लगाई है. बाकी चीज़ें समझ में आ सरकी है कि सब बदल दें फैसले.. लेकिन वंदे मातरम से क्या आपत्ति है. और किसके कहने पर वंदे मातरम बंद किया है. किस लिए वंदे मातरम बंद किया है. 

उन्होंने कमलनाथ से पूछा कि वो कारण को स्पष्ट करें. आज वो कहते हैं कि हम कोई दूसरे फॉर्म में... वंदे मातरम कोई फॉर्म होता है क्या. वंदे मातरम तो वंदे मातरम है. इसलिए हमने विरोध करने का फैसला किया है. 

पूर्व सीएम शिवराज ने कमलनाथ सरकार को चुनौती देते हुए कहा, ''7 जनवरी को सारे विधायकों के साथ हम बल्लभ भवन के सामने वंदे मातरम गाएंगे और उसके बाद वहीं से पैदल मार्च करेंगे विधानसभा तक और अपना विरोध दर्ज कराएंगे.''

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शिवराज सिंह चौहान से मीडिया ने सवाल कि कमलनाथ जी कह रहे हैं कि वंदे मातरम गाना राष्ट्रभक्ति का कोई सर्टिफिकेट नहीं है.

इस पर आक्रोशित अंदाज में उन्होंने बोला, ''राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत हम क्यों गाते हैं फिर, 15 अगस्त मनाना और उसमें जाना सिर्फ देशभक्ति का प्रतीक है क्या, फिर सारी चीजें बंद कर दो कुछ मत करो.. ये केवल कहने की बातें हैं. ये प्रतीक है, देशभक्ति की भावनाओं का प्रकटीकरण भी होता है. और देशभक्ति का भाव जागृत भी होता है. फिर सारी चीजें खत्म कर दो कोई जरूरत नहीं है.'' 

तीखा सवाल पूछते हुए उन्होंने कहा कि वंदे मातरम पर क्यों रोक लगाई, किसके कहने पर रोक लगाई. वंदे मातरम पर रोक लगाकर वो क्या हासिल करना चाहते हैं. किसको प्रसन्न करना चाहते हैं. वो जवाब दें.

इसके अलावा वहीं मीसा बंदियों की पेंशन पर अस्थाई रोक लगाने को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने बोला कि उनकी सरकार है वो फैसला करें हमें क्या कहना है उसमें.

''लोकतंत्र को बचाने के लिए कई लोगों ने जबरदस्त लड़ाई उस समय लड़ी थी. घनघोर यातनाएं सहीं थी. 19-19 महीने जेल में रहे थे कई परिवार तबाह हो गए थे. और इसलिए लोकतंत्र सेनानी मान कर पेंशन देने का फैसला उस समय किया था अब ये सरकार के उपर है जो करना चाहे वो करे.''

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार ने आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (MISA) के तहत मिलने वाले पेंशन के भुगतान को रोक दिया है.

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