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'मिशन शक्ति' से घबराया विपक्ष, लालू के सुपुत्र तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

एक तरफ तो पूरा देश अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाने पर जश्न मना रहा है, एक दूसरे को शुभकामनाएं दे रहा है, DRDO के वैज्ञानिकों पर गर्व कर रहा है। ठीक उसी वक्त देश की सत्ता के लिए लालायित कुछ विपक्षी दल देश की इस बड़ी उपलब्धि को भी सियासी राजनीति से जोड़ने में जुटे हैं। 

अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धियों को लेकर PM के संदेश के बाद पूरे विपक्ष खलबली मच गई है। इस कड़ी में लालू यादव के सुपुत्र तेजस्वी यदव समेत बिहार के कई विपक्षी नेताओं ने अपनी बौखलाहट को जाहिर किया।

DRDO यानी डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन के वैज्ञानिकों ने ISRO की तरफ से विकसित ए-सैट मिसाइल को पहली बार इस्तेमाल किया। जिसकी वजह से ऑपरेशन 'मिशन शक्ति' के तहत LEO यानी लो-अर्थ ऑर्बिट में दुश्मन के लाइव सैटेलाइट को मार गिराया। जिसका ऐलान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। 

लेकिन हमारे वैज्ञानिकों के कठिन परिश्रम और उपलब्धियों पर खुश होने के बजाय विपक्षी दल ओछी राजनीति पर उतर आए। बिहार के नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव
 ने इस कामयाबी को सवालों के कटघरे में खड़ किया है।

तेजस्वी ने कहा, 'तेजस्वी ने इसे सच और झूठ की लड़ाई बताते हुए कहा की जनता जान रही है कि सच और झूठ क्या है। और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के विश्व शक्ति बनने पर वोट को प्रभावित करने की कोशिश है कोई काम नहीं किया।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मोदी जी की हमेशा से मंशा रही है क्रेडिट लेने की। ऐसा नहीं है कि आज हो रहा है यह बहुत पहले से हो रहा था।

तेजस्वी के अलावा बिहार कांग्रेस के चयन समिति अध्यक्ष और सांसद अखिलेश सिंह ने कहा आप भारत जैसे देश को कहां पहुंचाने में लगे हैं देश में गरीबी है बेरोजगारी है।

वहीं बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष मदन मोहन झा ने भी राहुल गांधी जैसा राग ही अलापा। उन्होंने कहा कि मोदी से अब देश की पॉलिटिक्स नहीं होगी अब वह विश्व की पॉलिटिक्स करें।

साफ है कि विपक्ष भारत की तरफ से पाकिस्तान में की गई एयर स्ट्राइक के बाद ऑपरेशन 'मिशन शक्ति' पर भी सवाल उठाने से गुरेज नहीं करेगा। इसलिए R. भारत सवाल पूछता है कि क्या मोदी की विरोध की वजह से कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल देश विरोध पर भी उतर आए हैं। क्या विपक्षी नेता सियासत के लिए देश की सुरक्षा से भी समझौता करने को तैयार हैं।

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