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जम्मू-कश्मीर: हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर मनन वानी को सुरक्षाबलों ने किया ढेर

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के द्वारा हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों को गुरुवार को मार गिराया गया. जिसमें से एक हिजबुल का कमांडर मनन वानी भी शामिल है. बता दें, सेना के द्वारा किए गए एनकाउंटर में इन दोनों ही आतंकियों को मार गिराया गया. ये एनकाउंटर हंदवाड़ा में हुआ था जो नोर्थ कश्मीर में है. वहीं पुलिस ने इस एनकाउंटर में दो आतंकियों के मारे जाने की पुष्टी भी कर दी है. 

इस पूरे मामले पर रिपब्लिक टीवी से पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बात करते हुए कहा कि ''मनन वानी हिजबुल में शामिल होने से पहले अलीगढ़ यूनिवर्सिटी का छात्र था जो वहां पर PHD कर रहा था..'' बता दें, मनन वानी जनवरी में ही हिजबुल से जुड़ा था. सूत्रों के मुताबिक मनन वानी अपने दो साथियों के साथ उस इलाके में हाल ही में सीमापार से आए आतंकियों को लेने के लिए पहुंचा था.

पुलिस ने खुलासा करते हुए कहा कि, ''संभावना हो सकती हैं कि घुसपैठिए पास के जंगलों में छुपे होंगे.. इसलिए ऑपरेशन में सामान्य से अधिक समय लगा..''

वहीं इस पूरी प्रक्रिया को देखते हुए कुपवाड़ा जिले में इंटरनेट की सुविधा को बंद कर दिया गया है. जिले के सभी स्कूलों को बंद करने के साथ-साथ साउथ कश्मीर के सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है. 

बता दें, इससे पहले 27 सितंबर को साउथ कश्मीर के बडगाम जिले के पंजम में एनकाउंटर होने की खबर सामने आई थी. पंजम में हुए एनकाउंटर में सेना ने दो आतंकियों को "neutralised" कर लिया था. उन आतंकियों की पहचान सीरीज भट्ट और अहमद डार के रूप में हुई थी जो हिजबुल मुजाहिद्दीन के थे. पुलिस के मुताबिक 'डार पहले पुलिस में एक SPO के तौर पर काम करता था.. कुछ महीने पहले ही उसने पुलिस की नौकरी छोड़ दी थी. '

पुलिस के प्रवक्ता ने तब कहा था कि आतंकियों ने सर्च कर रहे दल पर मस्जिद से फायरिंग की थी. जिसके कारण सुरक्षाबलों को इलाके को सील करना पड़ा. उस दौरान वहां के Auqaf कमेटी के लोगों ने आतंकियों को बाहर आने के लिए अपील की थी. लेकिन उन्होंने इसको नहीं सुना जिसके कारण सुरक्षाबलों को ऑपरेशन करना पड़ा. सुरक्षाबलों ने मस्जिद को नुकसान नहीं पहुंचे इसको ध्यान में रखकर ऑपरेशन को अंजाम दिया था.

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