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दिलेर ड्राइवर को देश का सलाम - 52 अमरनाथ यात्रियों की जान बचाने पर सलीम से खास मुलाकात

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

देशभर में आज 70 वें गणतंत्र दिवस की धूम है. 26 जनवरी एक ऐसा दिन है जो देश का राष्ट्रीय पर्व है. इस मौके पर रिपब्लिक भारत आपको देश के रियल हीरो से रुबरु करवा रहा है. इसी क्रम में आज हमने खास मुलाकात कि अनंतनाग में लोगों की जान बचाने वाले दिलेर ड्राइवर सलीम शेख से. 

सलीम शेख ने बताया कि चारों तरफ आंतकियों की गोलियां और बीच में बाब बर्फानी के भक्तों की बस . आंतकियों का मक़सद था हर एक भक्त का ख़ात्मा. सबकी जान मुश्किल में थी. सबको लगा की यह अंतिम घड़ी है. लेकिन इस बिच बाबा बर्फानी के मुस्लिम भक्त ने आंतकियों के मनसूबे पर पानी फेर दिया. 

आंतकि लगातार फायरिंग कर रहे थे. लोगों को गोलियां लग रही थी. लेकिन जान की परवाह किए बिना ड्राइवर सलिम शेख ने बस की रफ्तार बढ़ा दी. 

दिलेर ड्राइवर सलीम शेख ने कहा जब ज्यादा फटाके फुटने लगे . तो पीछे सबकी चीखने- चिल्लाने की आवाज आने लगी. तब मुझे समझ आ गया कि बहुत कुछ बड़ी घटना हो गई है. गाड़ी की रफ्तार बढानी पड़ेगी. बस स्पीड तो थी मैने और तेज भगाया. मैं थोड़ा टेढ़ा हो गया जिस वजह से गोली मेरे पीछे बैठे यात्री को जा लगी. लोग चीख - चिल्ला रहे थे कि गाड़ी खडी करो . लेकिन मेरे दिमाग में एक बात चल रही थी कि जब तक मैलेटरी कैंप नहीं मिलता है तब तक मुझे रुकना नहीं है. सलीम शेख ने कहा कि उसे अफसोस इस बात का है कि वो उन 7 यात्रियों को नहीं बचा पाया, जो आतंकवादियों की गोली का शिकार हो गये. हालांकि खुशी भी है कि मेरी उस वक्त सूझबूझ 52 से ज्यादा यात्रिओं की जान बच गयी.

जनवरी 2018 में ड्राइवर सलीम शेख को सरकार ने बहादूरी का दूसरा सर्वोच्च अवॉर्ड दिया है. सलीम शेख गफूर को बहादूरी के लिए उत्तम जीवन रक्षक पदक से नवाजा गया है. सलीम शेख को सम्मान के साथ एक लाख रपये का इनाम भी दिया गया था.

गुजरात से 60 श्रद्धालुओं को लेकर एक बस अमरनाथ यात्रा पर गई थी. 10 जुलाई 2017 को ये बस श्रद्धालुओं को लेकर वापस लौट रही थी तभी रात 8:30 बजे बाटेंगू के पास आतंकियों ने बस पर फायरिंग शुरू कर दी. इस हमले में 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल हो गए थे. गोलीबारी के बीच साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए ड्राइवर शेख सलीम गफूर लगातार बस ड्राइव करते रहे और उन्होंने बाकी बचे 52 यात्रियों की जान बचा ली.

अगले दिन श्रीनगर एयरपोर्ट से इन श्रद्धालुओं को एयलिफ्ट किय़ा गया. शेख सलीम गफूर गुजरात के वलसाड के रहने वाले हैं.

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