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भोलनाथ की लीला अपरमपार, जानें.. शिवरात्री पर कैसे करें बाबा शंभू की उपासना

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

आज पूरे देश में महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया जा रहा है। शिवभक्ति के इस दिन पूरा देश भोलेनाथ की भक्ति में डूबा हुआ है। देश के अलग अलग हिस्सों के शिवमंदिरों में भक्तों का हुजूम उमड़ रहा है। महाशिवरात्रि के पावन मौके पर लोग बड़ी तादाद में शिव मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिरों में बम बम भोले की गूंज सुनाई दे रही है।

देश के कोने-कोने में महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई जा रही है। मंदिरों में बम बम भोले का जयकारा लग रहा है, आइए आपको बताते हैं आज भगवान भोलेनाथ की उपासना कैसे करें और आज के दिन ऐसे क्या काम है जिनसे बचना चाहिए।

कैसे करें शिव की उपासना ?

  • सबसे पहले स्नान करके शिव पूजा का संकल्प लें और फिर शिवजी को जल अर्पित करें। इसके बाद पंचोपचार पूजन करके शिव जी के मंत्रों का जाप करें। रात में शिव मंत्रों के अलावा रुद्राष्टक अथवा शिव स्तुति का पाठ भी कर सकते हैं। अगर चार पहर पूजन करते हैं तो पहले पहर में दूध, दूसरे में दही, तीसरे में घी और चौथे में शहद से पूजन करें। हर पहर में जल का प्रयोग जरूर करना चाहिए।

शिवरात्रि का विशेष महत्व है ऐसे में आज के दिन कुछ ऐसा न करें जिससे भोलनाथ अप्रसन्ना हो जाएं...

क्या करें, क्या न करें ?

  • आज असात्विक भोजन ग्रहण न करें। क्रोध पर काबू रखें अथवा गुस्सा करने से बचें। आज रात्रि में शिवजी की पूजा जरूर करें। किसी गरीब को खाना और वस्त्र का दान करें।

महाशिवरात्रि को साल की सबसे अंधियारी रात माना जाता है, लेकिन शिव इसी अंधेरे से अनहद रोशनी की ओर ले जाते हैं। दौड़ती भागती जिंदगी में शिव स्थिरता लाते हैं, तो शिव ही संतुलन भी सिखाते हैं। जो आज के दिन शिव को साधता है वो जीवन की सारी परेशानियों, बाधाओं, झंझावतों और उलझनों पर जीत हासिल कर लेता है।

शिव की भक्ति सबसे सरल है, वो आसानी से मान जाते हैं इसीलिए भोले कहलाते हैं। शिव संयम सिखाते हैं तो शिव शूरता की पहचान भी हैं। । शिव त्रिनेत्र हैं, यानी शिव संसार और संन्यास के पार देख सकते हैं। माना जाता है कि शिव ही आरंभ हैं शिव ही अंत हैं।

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