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कांग्रेस का 'हाथ' थामेंगे 'बिहारी बाबू', पटना साहिब से उम्मीदवार होंगे शत्रुघ्न सिन्हा: सूत्र

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

सत्ता के महामुकाबले यानि लोकसभा चुनाव 2019 के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है। सभी सियासी पार्टियों ने अपनी-अपनी कमर कस ली है और दांव पेंच आजमाने में जुटे हुए हैं। इस बीच बिहारी की राजनीतिक गलियारे से बड़ी ख़बर आ रही है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा इस बार कांग्रेस पार्टी की तरफ से ताल ठोक सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस के टिकट से सीट पर लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं। सूत्रों की मानें तो बिहार में महागठबंधन में कांग्रेस नौ सीटों पर लड़ने के लिए तैयार हो गई है। 

इन नौ सीटों में पटना साहिब भी शामिल है, जहां से शत्रुघ्न सिन्हा के चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। यानि बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। जाहिर है कि लंबे समय से बागी तेवर शत्रुघ्न सिन्हा अपनाए हुए हैं। अगर ऐसा होता है तो इसमें कोई ज्यादा हैरानी की बात नहीं होगी।

बीजेपी के 'शत्रु', कांग्रेस के साथ?

बिहार में NDA में सीटों का जो ऐलान हुआ है उसमें पटना साहिब सीट बीजेपी के खाते में गई है। ऐसे में चर्चा है कि इस सीट पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को मैदान में उतारा जा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो आने वाले वक्त में रविशंकर प्रसाद और शत्रुघ्न सिन्हा को आमने सामने देखने को मिल सकता है।

हालांकि अभी किसी भी तरह का औपचारिक एलान नहीं हुआ है। पटना साहिब सीट पर 19 मई को सातवें और अंतिम चरण में चुनाव होना है।

पार्टी छोड़ने का दिया था संकेत

शत्रुघ्न सिन्हा अपनी ही पार्टी बीजेपी और केंद्र की मौजूदा सरकार पर लगातार निशाना साधते दिखाई देते हैं। उन्होंने हाल ही में ट्विटर पर ये संकेत दिया था कि वे पार्टी को छोड़ सकते हैं। अपने ट्विटर पर उन्होंने लिखा था जो वादे किए गए थे वह अभी तक पूरे नहीं हुए हैं. मैं आशा और प्रार्थना करता हूं कि जल्द ही वादे पूरे हों। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, ''मोहब्बत करने वाले कम न होंगे, (शायद) तेरी महफिल में हम न होंगें।

गौरतलब है कि शत्रुघ्न सिन्हा ने पिछले साल तीन राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ की थी। छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व की तारीफ की थी। इसके अलावा वो वक्त-वक्त पर लालू यादव की वकालत करते और अपना मित्र बनाने दिखाई देते हैं।

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