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आतंकवाद पर चीन को अमेरिका की फटकार, कहा- 'पाकिस्तान के आतंकियों का बचाव ना करे चीन'

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में आतंकी मसूद के बचाव पर अमेरिका ने चीन को फटकार लगाई है। अमेरिका ने कहा है कि UNSC के काम में चीन अड़ंगा ना लगाए। चीन ने UN में अपना रूख नहीं बदला तो दूसरा तरीका अपनाएंगे।

इसके साथ ही अमेरिका ने कहा। पाकिस्तान के आतंकियों का बचाव ना करे चीन। अमेरिका ने पाकिस्तान को फिर कार्रवाई के लिए कहा है और साथ ही दो टूक शब्दों में ये भी कहा है कि पाक अपनी जमीन से आतंकवाद खत्म करे। 

गौरतलब है कि जैश सरगना मसूद अजहर के खिलाफ यूएनएससी में लाया गए प्रस्ताव पर रोक लग गई है। मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन ने रोक लगा दी है। चीन ने चालबाजी की और वीटो का इस्तेमाल कर प्रस्ताव को रोक दिया।

प्रस्ताव के समर्थन में अमेरिका फ्रांस और ब्रिटेन के साथ दस देश थे लेकिन चीन के अड़ंगे की वजह से एक बार फिर प्रस्ताव पर रोक लग गई। भारत ने चीन के फैसले पर निराशा जताई है लेकिन साफ किया है कि आतंक और आतंकवादियों के खिलाफ जंग जारी रहेगी।

अमेरिका ने इस मसले के अलावा शिनजियांग प्रांत में उइगरों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों के साथ चीन के आचरण के खिलाफ संयुक्त रूप से कदम उठाने में मुस्लिम राष्ट्रों की विफलता पर भी निराशा व्यक्त की है।

विदेश मंत्रालय के ऑफिस ऑफ ग्लोबल क्रिमिनल जस्टिस की प्रमुख तथा अमेरिकी राजदूत केली क्यूरी ने कहा, ‘‘मैं यह कह सकती हूं कि घटना को लेकर ओआईसी (इस्लामिक सहयोग संगठन) के सदस्यों की तरफ से समुचित प्रतिक्रिया न मिलने और मुखरता से विरोध नहीं किये जाने को लेकर हमें निराशा हुई।’’ 

क्यूरी ने जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अमेरिका-प्रायोजित एक कार्यक्रम से पहले संवाददाताओं से यह बात कही। यह कार्यक्रम चीन के अशांत शिनजियांग प्रांत में उइगरों की कथित सामूहिक नजरबंदी की घटना पर केंद्रित था।

उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब अमेरिका ने अपनी वार्षिक मानवाधिकार रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘चीन ने शिनजियांग में मुस्लिम अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों को सामूहिक हिरासत में लेने का अपना अभियान तेज कर दिया है।’

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