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PAK की कंगाली आई सामने, इमारन सरकार से नहीं चुकाया जा रहा सचिवालय का बिजली बिल

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

गरीबी, भुखमरी और कंगाली ये तीन अल्फाज़ पाकिस्तान की हकीकत बयान करने के लिए काफी है। हाथ में भीख का कटोरा, आसमान छूती कीमतें और भूखी मरती आवाम, ये पाकिस्तान की सच्चाई है। अब तो पाकिस्तान की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सचिवालय के पास बिजली बिल चुकाने के पैसे भी नहीं हैं। लेकिन इसके बावजूद वहां के हुकमरान भारत को आंख दिखा रहे, परमाणु युद्ध की गीदड़भभकी दे रहे हैं। 

जबकि हकीकत ये है कि दिवालिया होने की कगार पर खड़े पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली बेहद गंभीर है और इसी वजह से बिल नहीं चुकाने पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सचिवालय की बिजली काटे जाने की नौबत तक आ गई है. कश्मीर मामले में भारत के साथ 'अंतिम युद्ध' की धमकियां देने में व्यस्त पाकिस्तानी सरकार के पास अपने ही सचिवालय का बिल भरने का पैसा नहीं है।

 इसी वजह से इस्लामाबाद इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी को प्रधानमंत्री सचिवालय को बिजली काटे जाने का नोटिस भेजने पर मजबूर होना पड़ा है। प्रधानमंत्री सचिवालय पर इस्लामाबाद इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी का 41 लाख 13 हजार 992 रुपये का बिल बकाया है। पिछले महीने का बिल 35 लाख से ज्यादा है, जबकि इससे पहले का इससे पहले भी पांच लाख 58 हजार का बकाया है।

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यही नहीं पाकिस्तान की बदहाली के हर दिन नई तस्वीरें सामने आ रही हैं।  पाकिस्तान के सिंध में इनदिनों लोग मक्खियों के आतंक से परेशान हैं। नौबत यहां तक पहुंच गई कि मामला विधानसभा में उठा। सिंध के एक इलाके की विधायक ने लोगों की सेहत पर चिंता जताई। इसके साथ विशेष दुआ कराई गई। 

दरअसल बकरीद और सैलाब के बाद सिंध के कई इलाकों में गंदगी फैल गई, लेकिन सरकार बेखर रही और साफ सफाई का नामो निसान नहीं दिखा। नतीजा ये हुआ कि पूरा इलाका मक्खियों के आतंक से परेशान हो गया, जिसका असर वहां रहने वाले लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा।

जानकारी के अनुसार पाक के सिंध इलाके के विधायक नुसरत सहर अब्बासी ने कहा कि जिस तरह से सरकार की तरफ से बयान दिया गया है कि बारिश आती है तो पानी आता ही है, ऐसे ही एक बयान भी दिया जाए कि जब बारिश आती है तो मक्खियां भी आती हैं।