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धारा 370 हटाने से बौखलाया PAK; भारतीय राजदूत को किया निष्कासित, द्विपक्षीय व्यापार निलंबित करने का भी ऐलान

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे को लेकर बुधवार भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को निष्कासित करने और भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को निलंबित किये जाने का ऐलान किया। 

पाकिस्तान ने यह कदम प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में यहां हुई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बैठक के बाद उठाया है, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार निलंबित करने और "द्विपक्षीय संबंधों" की समीक्षा का भी फैसला लिया गया।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एनएससी बैठक के बाद टीवी पर एक बयान में कहा , "हमारे राजनयिक अब भारत में तैनात नहीं रहेंगे और यहां से उनके समकक्षों को वापस भेजा जाएगा।"  भारत ने सोमवार को संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को मिले विशेष राज्य के दर्जे को समाप्त करते हुए राज्य को दो संघ शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था। 

भारत के उच्चायुक्त बिसारिया इस्लामाबाद में हैं जबकि उनके पाकिस्तानी समकक्ष मोइन-उल-हक को नयी दिल्ली में कार्यभार संभालना है।

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एनएससी की बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया है कि समिति ने भारत सरकार द्वारा "एकतरफा और अवैध कार्यों से उत्पन्न स्थिति" और जम्मू-कश्मीर तथा नियंत्रण रेखा के हालात पर चर्चा की। बयान में कहा गया है कि समिति ने "भारत के साथ राजनयिक संबंध खत्म करने और द्विपक्षीय व्यापार को निलंबित करने" का फैसला किया है। 

बयान के मुताबिक समिति ने सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र में इस मामले (भारत द्वारा अनुच्छेद 370 को समाप्त करने) को ले जाने का संकल्प लिया है। पाकिस्तानी बयान में कहा गया है कि देश 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर कश्मीरियों के साथ एकजुटता दिखाएगा। बयान में कहा गया है, "15 अगस्त को काले दिवस के रूप में मनाया जाएगा।" 

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प्रधानमंत्री खान ने यह भी निर्देश दिया कि घाटी में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन को उजागर करने के लिए सभी राजनयिक माध्यमों को सक्रिय किया जाए।

बयान के मुताबिक उन्होंने सेना को लगातार सतर्कता बरतने को कहा है।

बयान के अनुसार विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, वित्तीय सलाहकार, कश्मीर मामलों के मंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुखों, आईएसआई प्रमुख, और अन्य शीर्ष अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।

 

 

 

 

 

वहीं पाक प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की एक अहम बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में शीर्ष सैन्य और असैन्य नेतृत्व भी शरीक हुए। 

एनएससी सैन्य और असैन्य शीर्ष नेतृत्व का सर्वोच्च फोरम है, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण मसलों पर चर्चा की जाती है। बयान में कहा गया है कि एनएससी ने यह विषय (कश्मीर से जुड़ा) संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ले जाने के साथ भारत के साथ द्विपक्षीय व्यवस्था की समीक्षा करने का फैसला किया है। 

 

गौरतलब है कि भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों-- जम्मू कश्मीर और लद्दाख--के रूप में विभाजित करने का भी फैसला किया है।  प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर में मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की तीन दिनों में यह दूसरी बैठक बुलाई थी।

खान ने रविवार को क्षेत्र में घटनाक्रमों के मद्देनजर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एनएससी की बैठक बुलाई थी।
 

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