Pakistan News

PAK का काला चेहरा फिर आया सामने, सिख लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन करवाया निकाह

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

पाकिस्तान चाहे विश्व स्तर पर कितने भी दावे कर ले कि उसके यहां पर अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं, लेकिन हकीकत यह है कि वहां अल्पसंख्यक को खुली सांस तक लेनी की आजादी नहीं है, यहां तक कि इन लोगों के साथ आए जबरन धर्म परिवर्तन के मामले सामने आते रहते हैं। 

इसका ताजा उदाहरण उस वक्त देखने को मिला जब सिख समुदाय पहले गुरु नानक देव की 550वीं जयंती कुछ दिन ही दिन बाकि रह गए हैं, लेकिन गुरुद्वारे में ग्रंथी के तौर पर सेवा देने वाले एक शख्स की बेटी का अपहरण कर उसके साथ निकाह और जबरन धर्मांतरण को अंजाम दिया गया है।

मीडिया रिपोर्टस की माने तो पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के साथ यह घटना ननकाना साहिब में हुई है, जहां गुरु नानक देव का जन्म हुआ था। जिसके बाद से एक बार फिर पाकिस्तान में  सिख और अल्पसंख्यक की दयनीय स्थिति सबके सामने आ गई है। 

पीड़िता के भाई ने एक वीडियो जारी कर पाकिस्तानी पीएम इमरान खान और पाक सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा से हस्तक्षेप करने की मांग की है।  

पीड़िता के भाई ने वीडियो में विस्तार से अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वाहे गुरु दा खालसा वाहेगुरु दी फतेह,मेरा नाम मनमोहन सिंह है। ये मेरे पिता हैं ये मेरा भाई है, जो कल लड़की अगवा की गई है। वो मेरी बहन है जगजीत कौर, कल उसको जबरदस्तीअगवा किया गया।और फिर उसको धमकी दी गई। अगर इस्लाम कबूल नहीं करोगे तो आपके पापा और आपके भाई दोनों को गोली मार दूंगा। कल उसको जबरदस्ती इस्लाम भी कबूल करवा दिया।

उन्होंने आगे कहा कि मेरी इमरान खान से और आर्मी चीफ बाजवा से अपील है कि हमारी मदद करें, हमारी बहन को वापस लेकर आएं। कल ऐसा न हो कॉरिडोर पर या कश्मीर पर कोई बात आ जाए। पीड़िता के परिवार ने स्थानीय पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ एफएआईआर दर्ज कराई है। शिकायत में बताया कि किस तरह लड़की को जबरन धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर किया गया। 

मीडिया में मामले आने के बाद अकाली दल के नेता मानजिंदर सिंह सिरसा ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हस्तेक्षप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सिख इमरान खान से मदद मांग रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से अपील करता हूं कि लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाएं। पाकिस्तान में सिख धर्म पर खतरा मंडरा रहा है, इसलिए यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में भी उठाया जाना चाहिए।