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अमेरिका को छोड़कर जी 20 समूह के 19 देशों ने पेरिस जलवायु समझौते के लिए प्रतिबद्धता दोहराई

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

अमेरिका को छोड़ कर जी-20 समूह के 19 सदस्य देशों ने पेरिस जलवायु समझौता को ‘‘पूरी तरह से लागू करने’’ के प्रति शनिवार को अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, उन्होंने स्वच्छ प्रौद्योगिकी पर भी जोर दिया।

यहां जी 20 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विश्व के अन्य नेता पिछले साल अर्जेंटीना में हस्ताक्षर किए गए जलवायु परिवर्तन समझौते जैसे ही जलवायु समझौते के लिए सहमत हुए। 

ब्यूनस आयर्स में 2018 में हुए जी 20 शिखर सम्मेलन की तरह ही नयी घोषणा में कहा गया है कि अमेरिका ने पेरिस समझौते से बाहर होने का अपना फैसला दोहराया है क्योंकि इससे अमेरिकी कामगारों और करदाताओं को नुकसान पहुंचेगा। 

दस्तावेज में कहा गया है कि पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देशों ने इसे पूरी तरह से लागू करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। 

अंतिम दस्तावेज में कहा गया है कि जी 20 देश स्वच्छ प्रौद्योगिकी के व्यापक दायरे का पता लगाएंगे। स्वच्छ प्रौद्योगिकी में स्मार्ट सिटी, पारिस्थितिकी और समुदाय आधारित तौर तरीके, प्रकृति आधारित समाधान तथा पांरपरिक एवं देशी ज्ञान शामिल हैं। 

जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने सम्मेलन के अंत में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ब्यूनस आयर्स और हैम्बर्ग में की गई पिछली घोषणाओं के समान ही जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने की प्रतिबद्धता जताई गई है।

स्थानीय मीडिया ने मर्केल को उद्धृत करते हुए कहा है, ‘‘...पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले 19 देशों ने वही चीज की है जो उन्होंने ब्यूनस आयर्स में किया था।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा कहना है कि यह प्रक्रिया अपरिवर्तनीय है और हमने (ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी) के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई है तथा इस बारे में 2020 में समीक्षा करेंगे कि क्या हमें नये वादे करने चाहिए।’’ 

नेताओं ने प्रदूषण, जैवविविधता को हो रहे नुकसान, जलवायु परिवर्तन की समस्याओं पर चर्चा की तथा इस बात का जिक्र किया कि सतत विकास में नवोन्मेष एवं निवेश के लिए कारोबार की भागीदारी तथा धन मुहैया करने के बारे में सोच में बदलाव करने की जरूरत है। 

हालिया मौसमी परिघटनाओं और आपदाओं के आलोक में जी-20 नेताओं ने जलवायु परिवर्तन, वायु, भूमि, जल और समुद्री प्रदूषण आदि जैसे मुद्दे के हल की फौरी जरूरत को स्वीकार किया। 

जी- 20 नेताओं ने पेरिस समझौते के अनुपालन में विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए धन मुहैया करने की अहमियत पर भी जोर दिया। 

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