Global Event News

अलकायदा का इंडिया चीफ आसिम उमर अफगानिस्तान में ढेर, यूपी के संभल का था रहने वाला

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

अमेरिकी हवाई हमले में अलकायदा के इंडिया चीफ यानी कमांडर आसिम उमर मारा गया है। यह जानकारी अफगानिस्तान की खुफिया विभाग की ओर से दी गई है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी एयर स्ट्राइक में भारतीय उप-महाद्वीप इकाई का कमांडर आसिम उमर मारा गया है। इसके अलावा उसके छह उन्य साथी भी मारे गए हैं, जिसमें से अधिकांश पाकिस्तानी बताए गए हैं।

बता दें जुलाई , 2018 में अमेरिका ने आसिम उमर को अपनी ग्लोबल टेरिस्ट की फेहरिस्त में डाल दिया था। इसके साथ ही अमेरिका ने अलकायद की भारतीय उपमहाद्वीप इकाई को भी विदेशी आतंकी संगठनो की फेहरिस्त में डाला था । अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय ने आतंकी आसिम उमर के मारे जाने की पुष्टि की है। इसके साथ ही 23 सितंबर को हुए हमले में अफगानिस्तान के हेलमांड प्रांत के मूसा काला जिले में 6 अन्य अलकायदा आतंकियों के भी ढेर होने की भी पुष्टि की गई है।


जाने कौन है आसिम उमर

जानकारी के अनुसार आसिम उमर उत्तर प्रदेश के संभल का रहने वाला था, जहां वह सनाउल हक उर्फ सन्नू के नाम से जाना जाता था। वह संभल के दीपा सराय इलाके में रहता था, लेकिन 1990 के दशक के आखिरी दौर में वह पाकिस्तान चला गया था।

अमेरिकी एयर स्ट्राइक में मारा गाया आंतकी उमर ने दारुल उलूम देवबंद से 1991 में ग्रैजुएशन किया था।  इसके तुरंत बार वह चोरी छुपे पाकिस्तान पहुंचा । जहां उसने नौशेरा स्थित दारुल उलूम हक्कानिया से जुड गया था। इस मदरसे पर जिसे जिहाद यूनिवर्सिटी कहा जाता है वहां उसने अपनी ट्रेनिंग पुरी करके आतंकी संगठन हरकत-उल-मुजाहिदीन का हिस्सा बन गया था। इसके बाद वह तहरीक -ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़ा गया।  इस दौरान उस ने पाकिस्तान की नागरिकता हासिल कर ली थी और वहीं का नागरिक बन गया था।

साल 2014 में जवाहिरी ने आसिम को अलकायाद के सरगना आयमान अल-जवाहिरी ने भारत , म्यांमार और बांग्लादेश में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए जम्मेदारी दी थी।  इसके बाद जवाहिरी ने उमर को भारतीय उपमहाद्वीप में आतंकवाद फैलाने के लिए कमांडर के तौर पर चुना था। उसी साल अफगानिस्तान के मिरान शाह शहर में जवाहिरी ने आसिम उमर को कमांडर बनाया था। 


उसे दारुल उलूम हक्कानिया मे उमर ने आतंक संगठनों से संपर्क साधा और आतंकी संगठन हरकत-उल-मुजाहिदीन के साथ का हिस्सा बना । इसके बाद उसके धीर-धीर आतंक के आकाओं के साथ बढ़ते गए और वह एक खूंखार आतंकी बन गया । 

DO NOT MISS