Cricket News

धोनी के दस्तानों पर पाक मंत्री के बायन पर ओलंपियन सुशील कुमार ने किया पलटवार, कहा -''हमारे लिए खेल का मैदान ही महाभारत युद्ध की तरह होता है''

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

क्रिकेट विश्व कप के पहले मैच में भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज़ महेंद्र सिंह धोनी के दस्ताने ख़ासे चर्चित रहे। इन दस्तानों पर इंडियन पैरा स्पेशल फ़ोर्सेज़ का प्रतीक चिह्न 'रेजिमेंटल डैगर' बना था। इसपर आईसीसी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से अपील की कि वह धोनी से उनके दस्तानों पर बने सेना के खास लोगो को हटाने को कहे।

इधर रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क से बात करते हुए दुनिया के बड़े-बड़े पहलवानों को चित करने वाले ओलंपियन सुशील कुमार ने कहा कि एमएस धोनी के स्पेशल फोर्सेज का प्रतीक बैज के दस्ताने पहन कर खेलने में कोई समस्या नहीं हैं।'''

सुशील ने कहा '' सबसे पहले तो धोनी भाई को बहुत बधाई दुंगा क्योंकि वो आर्मी के हैं और ये चिन्ह उनके बटालियन का हैं।  वो देश के लिए खेलते हैं और हमारी आर्मी को भी सपोर्ट करते हैं धोनी भाई। मैं तो ये कहुंगा कि मैं उनका सपोर्ट करता हूं । जो खिलाड़ी अगर किसी संस्था से जुड़ा हैं तो उसका बैज लगाने से कोई दिग्गत नहीं होना चाहिए।''

वहीं क्रिकेट के मैदान की इस घटना पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री फवाद हुसैन ने धोनी पर तंज कसते हुए कहा कि क्रिकेट खेलने गए हैं महाभारत का युद्ध करने नहीं।

महेंद्र सिंह धोनी को मिल रहे समर्थन पर निशाना साधते हुए फवाद हुसैन ने कहा, 'धोनी इंग्लैंड में क्रिकेट खेलने के लिए गए हैं महाभारत के लिए नहीं। यह कैसा मूखर्तापूर्ण विवाद भारतीय मीडिया में चल रहा है। भारतीय मीडिया का एक वर्ग तो इसे लेकर ऐसा दीवाना हो रहा है जैसे वह युद्ध के लिए इसे सीरिया, अफगानिस्तान और रवांडा भेज रहे हों।' 

इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए  ओलंपियन सुशील कुमार ने कहा महाभारत के जंग तो नहीं है पर हमारे लिए खेल का मैदान ही महाभारत के जंग हो जाता है। मैं धोनी भाई को फिर से बधाई दुंगा क्योंकि कोई फर्क नहीं पड़ता पाकिस्तान क्या सोचता हैं और नहीं सोचता । धोनी भाई ने सराहनीय काम किया है।

सुशील कुमार ने बीसीसीआई के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि '' मैं आपके माध्यम से बीसीसीआई को ये कहुंगा कि ये खिलाड़ी की भावना है और अगर वह इस भावना से खेल रहा है तो कोई दिक्कत नहीं होना चाहिए।  उन्हें धोनी भाई को इसलिए अनुमती देनी चाहिए'' 

दरअसल, धोनी ने पैरा स्पेशल फोर्सेज को सम्मान देने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया था. उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ बुधवार को खेले गए मैच के दौरान 'बलिदान बैज' के निशान वाला ग्लव्स पहना था जिसे आईसीसी के कहने के बाद अब उन्हें उतारना होगा।

बता दें कि 37 साल के धोनी के ग्लव्स पर 'बलिदान बैज' का चिह्न् उस समय दिखाई दिया जब उन्होंने मैच के 40वें ओवर के दौरान युजवेंद्र चहल की गेंद पर दक्षिणी अफ्रीकी बल्लेबाज एंडिले फेहलुकवायो को स्टंप्स आउट किया था। 


 

DO NOT MISS