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धोनी के ग्लव्स से ‘बलिदान बैज’ हटाने वाले ICC के फरमान पर भड़के फैंस, कहा 'ग्लव्स से बैज मत हटाना धोनी'

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत ने वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच खेला। इस मैच में भारतीय विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने अनोखे अंदाज में पैरा स्पेशल फोर्स को सम्मान दिया। मैच के दौरान उनके ग्लव्स पर बलिदान बैज का चिह्न दिखा। आईसीसी ने धोनी के ऐसे ग्लव्स पहनने पर आपत्ति जताई है, ICC ने  बीसीसीआई से धोनी के विकेटकीपिंग ग्लव्स से बलिदान बैज या पैरा स्पेशल फोर्स के रेजिमेंटल निशान को हटाने के लिए कहा है।

बलिदान बैज’ के चिह्न का इस्तेमाल हर कोई नहीं कर सकता। इसे सिर्फ पैरा कमांडो ही लगाते हैं। पैरा स्पेशल फोर्स को आमतौर पर पैरा एसएफ कहा जाता है। यह भारतीय सेना की स्पेशल ऑपरेशन यूनिट होती है। जिसके बाद से सोशल मीडिया पर ICC इस फरमान का चौतरफा विरोध हो रहा है और यूजर्स ने धोनी से ग्लव्स से बलिदान बैज ना हटाने की अपील की है।

बलिदान बैज’ के चिह्न का इस्तेमाल हर कोई नहीं कर सकता। इसे सिर्फ पैरा कमांडो ही लगाते हैं। पैरा स्पेशल फोर्स को आमतौर पर पैरा एसएफ कहा जाता है। यह भारतीय सेना की स्पेशल ऑपरेशन यूनिट होती है। पैरा स्पेशल फोर्स ने ही 2016 में पाक के कब्जे वाले कश्मीर  में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। बलिदान बैज  पैराशूट रेजिमेंट के विशेष बलों के पास होता है। इस बैज पर बलिदा’ लिखा होता है। धोनी को 2011 में सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक दी गई थी। वे यह सम्मान पाने वाले दूसरे क्रिकेटर हैं। 

सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर बलिदान को सम्मान देने पर ICC को एतराज क्यों है? एक देश का नागरिक होने के नेता धोनी का ये अधिकार बनता है कि वो अपने देश के शहीदों को सम्मान दे, देखना होगा देश के सम्मान से जुड़े सवाल पर बीसीसीआई का क्या रुख रहता है ।

 

 

 

 

 

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