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भारत ने 71 साल बाद आस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीत कर रचा इतिहास, कोहली ने कहा- यह मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है.

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

सिडनी भारतीय क्रिकेट टीम ने 71 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए आस्ट्रेलियाई सरजमीं पर पहली बार टेस्ट श्रृंखला जीतकर सोमवार को अपने क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा. इसके बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने आस्ट्रेलियाई सरजमीं पर ऐतिहासिक 2-1 से जीत को अपनी ‘सबसे बड़ी उपलब्धि’ करार दिया जिससे कि वर्तमान टीम को एक अलग तरह की पहचान मिलेगी .

महेंद्र सिंह धोनी ने आठ साल पहले वानखेड़े में जब विश्व कप ट्राफी हाथ में ली थी तो कोहली उस टीम के सबसे युवा सदस्य थे लेकिन उनके अनुसार वर्तमान उपलब्धि इस सूची में सबसे ऊपर रहेगी


कोहली ने मैच के बाद कहा, ‘‘यह मेरी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह सूची में सबसे ऊपर रहेगी। जब हमने विश्व कप जीता था तो मैं टीम का सबसे युवा सदस्य था। मैं देख रहा था कि अन्य खिलाड़ी भावुक हो रहे थे। इस श्रृंखला में जीत से हमें एक टीम के रूप में अलग पहचान मिलेगी। हमने जो हासिल किया मुझे वास्तव में उस पर गर्व है।’’ 

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर चौथा और अंतिम टेस्ट मैच खराब मौसम और बारिश के कारण ड्रा छूटा और इस तरह से भारत श्रृंखला 2-1 से अपने नाम करने में सफल रहा.इसके साथ ही उसने बोर्डर गावस्कर ट्राफी भी अपने पास बरकरार रखी.भारत ने 2017 में अपने घरेलू मैदानों पर श्रृंखला 2-1 से जीतकर यह ट्राफी जीती थी.

भारत ने स्वतंत्रता मिलने के कुछ दिन बाद पहली बार 1947-48 में लाला अमरनाथ की अगुवाई में आस्ट्रेलिया का दौरा किया था.तब उसका सामना सर डान ब्रैडमैन की अजेय आस्ट्रेलियाई टीम से था.तब से लेकर अब जाकर भारत का श्रृंखला जीतने का इंतजार विराट कोहली की टीम ने खत्म किया.

एक और किला फतह करने से आह्लादित कोहली ने कहा, ‘‘सबसे पहले मैं यह कहना चाहता हूं कि मुझे इस टीम का हिस्सा होने पर कभी इतना अधिक गर्व नहीं हुआ जितना अभी इस समय हो रहा है.हमने एक संस्कृति विकसित की.हमारे बदलाव की शुरुआत यही पर हुई थी जहां मैंने कप्तान पद संभाला था और मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि चार साल बाद हम यहां जीतने में सफल रहे.मैं केवल एक शब्द कह सकता हूं कि मुझे इस टीम की अगुवाई करने में फख्र महसूस होता है.यह मेरे लिये सम्मान है.खिलाड़ियों के प्रयास से ही कप्तान अच्छा साबित होता है . ’’ 

भारत के पास श्रृंखला 3-1 से जीतने का मौका था लेकिन बारिश ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया.भारत ने अपनी पहली पारी सात विकेट पर 622 रन बनाकर समाप्त घोषित की थी जिसके जवाब में आस्ट्रेलिया 300 रन पर आउट हो गया और उसे अपनी धरती पर पिछले 30 साल में पहली बार फालोआन के लिये उतरना पड़ा.आस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में बिना किसी नुकसान के छह रन बनाये.

बारिश की वजह से पांचवें और अंतिम दिन का खेल नहीं हो पाया और अंपायरों ने लंच के बाद मैच ड्रा करने का फैसला किया.भारतीय टीम ने एससीजी पर विजय का जश्न बनाया तथा भारत और आस्ट्रेलिया के प्रशसंकों ने तालिया बजाकर उनका साथ दिया.

भारत के महानतम सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कहा, ‘‘यह भारतीय क्रिकेट के लिये ऐतिहासिक क्षण है।’’ 

आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी इतनी कमजोर थी कि अगर पूरे दिन का खेल हुआ होता तो भारत चौथा टेस्ट मैच भी जीत जाता.आस्ट्रेलिया को निश्चित तौर पर प्रतिबंधित स्टीवन स्मिथ और डेविड वार्नर की कमी खली लेकिन इससे कोहली और उनकी टीम की उपलब्धि को कम करके नहीं आंका जा सकता है.

इस जीत को भारत की विदेशों में ऐतिहासिक विजय में शामिल किया जाएगा.इसे अजित वाडेकर की टीम की 1971 में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड में, कपिल देव की टीम की 1986 में इंग्लैंड में और राहुल द्रविड़ की अगुवाई वाली टीम की 2007 में इंग्लैंड में जीत की बराबरी पर रखा जाएगा.

भारत ने चौथे टेस्ट मैच से पहले श्रृंखला में 2-1 की अजेय बढ़त बना ली थी.भारतीय टीम ने एडीलेड में पहला टेस्ट मैच 31 रन से जीता था.आस्ट्रेलिया ने पर्थ में दूसरे टेस्ट मैच में 146 रन से जीतकर वापसी की लेकिन भारत ने मेलबर्न में तीसरा मैच 137 रन से अपने नाम करके इतिहास रचने की तरफ मजबूत कदम बढ़ाये थे।

रविवार भी पूरे दिन बादल छाये रहे और आज सुबह भी स्थिति नहीं बदली.खेल स्थानीय समयानुसार सुबह दस बजे शुरू होना था लेकिन बारिश आने से इसकी संभावना समाप्त हो गयी.अंपायरों ने आखिर में स्थानीय समयानुसार दो बजकर 30 मिनट पर मैच ड्रा करने का फैसला किया.

मैच के पहले दो दिन भारतीय बल्लेबाज छाये रहे.चेतेश्वर पुजारा ने 193 और ऋषभ पंत ने नाबाद 159 रन बनाये.आस्ट्रेलिया ने तीसरे दिन खराब रोशनी के कारण खेल जल्दी समाप्त किये जाने तक छह विकेट पर 236 रन बनाये.इसके बाद अगले दिन उसकी टीम 300 रन पर आउट हो गयी.भारत की तरफ से कुलदीप यादव ने 99 रन देकर पांच विकेट लिये.

भारत ने आस्ट्रेलिया को फालोआन के लिये आमंत्रित किया लेकिन खराब रोशनी के कारण चौथे दिन का खेल भी जल्द समाप्त करना पड़ा.आस्ट्रेलिया ने तब बिना किसी नुकसान के छह रन बनाये थे.

पुजारा ने भारत की श्रृंखला में जीत में अहम भूमिका निभायी.उन्होंने श्रृंखला में 74.42 की औसत से 521 रन बनाये जिसमें तीन शतक शामिल हैं.उन्हें मैन आफ द मैच और मैन आफ द सीरीज चुना गया.जसप्रीत बुमराह ने श्रृंखला में 21 विकेट लिये.

आस्ट्रेलिया का कोई भी बल्लेबाज श्रृंखला में शतक नहीं जमा पाया.उसकी तरफ से मार्कस हैरिस की चौथे टेस्ट मैच में 79 रन की पारी उच्चतम स्कोर रहा.उसके बल्लेबाजों के लिये बुमराह, इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव को खेलना आसान नहीं रहा.

युवा पृथ्वी साव चोटिल होने के कारण श्रृंखला में नहीं खेल पाये लेकिन तीसरे टेस्ट मैच में टीम से जुड़े मयंक अग्रवाल ने मौके का पूरा फायदा उठाया.ऋषभ पंत ने 350 रन बनाये और विकेटकीपर के रूप में एक श्रृंखला में सर्वाधिक शिकार का भारतीय रिकार्ड बनाया.

भारत अब इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप की तैयारियों में जुट जाएगा.इसकी शुरुआत वह आस्ट्रेलिया के खिलाफ 12 जनवरी से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे श्रृंखला से करेगा.

( इनपुट - भाषा से )

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