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बांग्लादेश के ख़िलाफ़ मिली जीत से भारतीय टीम को मिले कई सवालों के जवाब

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

विश्वकप 2019 के दूसरे अभ्यास मैच में भारतीय टीम ने बांग्लादेश को 95 रनों से हरा दिया। इस मैच में बांग्लादेश ने टॉस जीत कर पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया। भारत की ओर से रोहित शर्मा और शिखर धवन सलामी बल्लेबाज़ के रुप में मैदान पर उतरे। मैच शुरू हुआ तो लगा कि इस बार सलामी बल्लेबाज़ न्यूज़ीलैंड के खिलाफ मिली असफलता को एक बड़ी पारी में बदलेंगे। लेकिन शीर्ष के तीनों बल्लेबाज़ 100 रनों के भीतर ही पवेलियन लौट गए। लेकिन चौथे नंबर की जो पेंच उलझी हुई थी वो इस मैच में सुलझ गई। लोकेश राहुल को चौथे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने का मौका मिला जिसको उन्होंने बखूबी अंजाम दिया। 102 रनों पर 4 विकेट गिरने के बाद पूर्व कप्तान धोनी के साथ मिलकर राहुल ने पहले टीम की पारी को संभाला औ जब लगा की अब टीम अच्छी स्थिति में हैं तब अपने अंदाज़ में शॉट लगाना शुरु किया। दूसरी ओर धोनी ने भी अपनी पारी को पहले 50 में बदला और फिर अपना असली रंग दिखाया। लोकेश राहुल और धोनी ने मिलकर भारत को 250 के पार पहुंचाया।

दोनों के बीच 164 रनों की साझेदारी हुई। इन दोनों बल्लेबाज़ों ने ये 164 रन सिर्फ 21.2 ओवर में बनाए, जो कि 22 ओवर में 102 रनों पर 4 विकेट गिरने के बाद जो टीम की स्थिति थी उस लिहाज से काफी शानदार है। राहुल 99 गेंदों में 108 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें उन्होंने 4 छक्के और 12 चौके लगाए, वहीं दूसरी ओर धोनी अंतिम ओवरों में और खतरनाक हो गए। एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम 300 तक मुश्किल से पहुंच पाएगी लेकिन धोनी की आतिशबाज़ी ने टीम को 359 तक पहुंचाने में मदद की। धोनी ने 78 गेंदों में 8 चौके और 7 छक्कों की मदद ने 113 रन बनाए। आखिरी क्षणों में पांड्या और जडेजा ने भी जलवा दिखाया और बांग्लादेश के सामने 360 रनों की विशाल लक्ष्य रखा। 


इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की शुरूआत खराब रही और 50 रन के भीतर ही बुमराह ने सौम्य सरकार और दुनिया के नंबर एक ऑलराउंडर को पवेलियन भेज दिया। उसके बाद लिटन दास और मुश्फिकर रहीम ने 120 रनों की साझेदारी कर टीम की स्थिति को तो सुधारा लेकिन हार नहीं बचा सके। इस साझेदारी के टूटने के बाद जो विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हुआ वो ऑलआउट होने पर ही खत्म हुआ। भारत ने 95 रनों से ये मैच जीत लिया। खेल पत्रकार विवेक कुमार सिंह के अनुसार विश्वकप के लिहाज़ से ये जीत भले ही कोई मायने नहीं रखती हो लेकिन इस जीत से टीम की कई पहेलियां सुलझ गई। नंबर चार पर राहुल ने शानदार बल्लेबाज़ी कर कई सालों से उठ रहें सवालों पर विराम लगा दिया। उधर मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज़ों ने भी टीम को अलग ही विश्वास दिया है।

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