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वीरेंद्र सहवाग से पृथ्वी शॉ की तुलना करने पर भड़के गौतम गंभीर, दे डाली ये सलाह!

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

भारतीय टीम से बाहर चल रहे गौतम गंभीर ने पृथ्वी साव की प्रशंसा करते हुए कहा कि लोगों को उनके पूर्व सलामी साझेदार वीरेंद्र सहवाग से इस युवा की तुलना करने से पहले दो बार सोचना चाहिए. पृथ्वी ने राजकोट में वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरूआती टेस्ट में पदार्पण करते हुए शतकीय पारी खेली थी.

गंभीर ने एक कार्यक्रम के इतर बुधवार को पत्रकारों से कहा, ‘‘जो भी पृथ्वी की तुलना सहवाग से कर रहा है, उसे तुलना करने से पहले दो बार सोचना चाहिए. आखिर में आपको किसी की तुलना किसी से नहीं करनी चाहिए. पृथ्वी ने अपना करियर अभी शुरू ही किया है और अभी उसे लंबा सफर तय करना है. मैं कभी भी तुलना में विश्वास नहीं करता. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘पृथ्वी अलग प्रतिभा का खिलाड़ी है और सहवाग की अपनी विशेषता है. पृथ्वी ने अभी अपना करियर शुरू किया है जबकि सहवाग जैसा खिलाड़ी 100 टेस्ट मैच खेल चुका है. ’’

गंभीर ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से वह (पृथ्वी) प्रभावशाली है. वह काफी प्रतिभाशाली है और इसलिये वह खेल रहा है. सबसे अहम चीज है कि उसे अपना टेस्ट करियर अच्छी तरह से शुरू किया है लेकिन आगे उसे कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा. ’’

बता दें. पृथ्वी साव भारत की तरफ से पदार्पण मैच में शतक जड़कर अपेक्षाओं पर पूरी तरह से खरा उतरे, लेकिन पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि विदेशों की कड़ी चुनौतियों से निबटने के लिए इस किशोर बल्लेबाज को अपनी तकनीक में और सुधार करने की जरूरत है.

साव ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में पदार्पण करते हुए एक मंझे हुझे बल्लेबाज की तरह से बल्लेबाजी की और शतक बनाया. उन्होंने मजबूत आक्रमण का सामना नहीं किया लेकिन फिर भी यह करियर की शानदार शुरुआत रही. 

बता दें, पृथ्वी साव का परिवार मूलतः बिहार के गया का रहने वाला है. उनके पिता पंकज साव बहुत पहले मुंबई के नजदीक विरार में आकर बस गए और छोटे से पृथ्वी की क्रिकेट में दिलचस्पी देखकर मात्र तीन बरस की उम्र में विरार की क्रिकेट अकादमी में उनका दाखिला करा दिया. पृथ्वी साव बहुत छुटपन में अपने दोस्तों और पिता के साथ जेडब्ल्यू मैरिएट के नजदीक बीच पर क्रिकेट खेलते थे. बाद में पृथ्वी को एक कंपनी के रूप में प्रायोजक मिला तो परिवार मुंबई चला आया.

महज चार बरस की उम्र में अपनी मां को खो देने वाले पृथ्वी के जीवन पर उनके पिता का बहुत गहरा असर है. उन्हें एक अच्छा इनसान बनाने के साथ ही एक बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी बनाने का सपना देखने वाले अपने पिता को पृथ्वी ने चार अक्टूबर को एक बेहतरीन तोहफा दिया जब उन्होंने अपने पहले ही मैच में सैकड़ा लगाकर खुद को सचिन तेंदुलकर की श्रेणी में खड़ा कर दिया. दरअसल वह सचिन के बाद टेस्ट क्रिकेट में सैकड़ा बनाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं.

(इनपुट- भाषा)

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