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VIDEO : जाते - जाते सरकारी बंगले के इटालियन मार्बल और फर्निचर उखाड़ के ले गए अखिलेश यादव

Written By | Mumbai | Published:

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सह समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने दो जून को अपना सरकारी आवास खाली किया और चाभियां राज्य संपत्ति विभाग  को सौंप दी.  और वीवीआईपी गेस्ट हाउस में शिफ्ट हो गए है. लेकिन बीते कई दिनों से विक्रमादित्य मार्ग स्तिथ सरकारी बंगले से उनका सामान लोडर और ट्राली में भरकर कर जा रहा है. 

वहीं अखिलेश के बंगला छोड़ने के बाद राज्य सम्पत्ति विभाग के अधिकारी बंगले की हालत देख केर चौंक गए . यहां इटेलियन मार्बल से करोड़ों की लागत से बना हुआ स्वमिंग पूल तहस - नहस था. वह सीमेंट की परत से ढका हुआ था. बंगले की कीमती शीशे और इटालियएन मार्बल्स उखाड़े जा चुके थे. गार्डन से विदेशी पौधे भी गायब थे. 

अखिलेश के बंगले के अन्दर कथित तौर पर की गयी तोड़फोड़ पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग तेज हो गयी है.

राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारी योगेश कुमार शुक्ला ने बताया कि 'अखिलेश यादव ने कल रात राज्य संपत्ति विभाग द्वारा उन्हें 4 विक्रमादित्य मार्ग पर आवंटित बंगले की चाभियां संपत्ति विभाग को सौप दी हैं.’’

उन्होंने बताया कि अब केवल पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का बंगला खाली होना बाकी है, शेष सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले खाली हो गये हैं.

उनसे पूछा गया कि सोशल मीडिया पर ऐसी वीडियो क्लिपिंग वायरल हो रही हैं जिनमें दिख रहा है कि बंगले को खाली करने से पहले उसमें काफी तोड़फोड़ की गयी है, इस पर शुक्ला ने जवाब दिया,‘‘ हम बंगले को देखेंगे कि उसे क्या नुकसान पहुंचाया गया है या फिर जो सामान संपत्ति विभाग द्वारा लगवाया गया था उसमें कोई वस्तु कम है उसके बाद ही हम बंगले के स्वामी को नोटिस देंगे.’’

इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने इस वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा कि ऐसा पार्टी अध्यक्ष की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उपचुनाव में पार्टी की लगातार जीत के बाद विरोधी खेमा ऐसे वीडियो वायरल करा रहा है.

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज ट्वीट कर कहा कि 'विपक्षी मकान को 'व्हाइट हाऊस' कह रहे हैं तो क्या वह खुद 'ब्लैक हाऊस’ में रहते हैं।’’ 

उधर दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने आज शाम जारी एक बयान में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी बंगले को खाली करने से पहले की गई कथित तोड़फोड़ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बंगले में तोड़फोड़ से उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा मुखिया अखिलेश यादव की कुण्ठा झलकी है.

उन्होंने कहा कि अखिलेश को मुख्यमंत्री रहते हुए ही इस बात का एहसास हो गया था कि वह दुबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं ले पाएंगें इसीलिए मुख्यमंत्री रहते हुए ही उन्होंने अपने लिए एक शानदार बंगला सरकारी खर्च पर तैयार कराया था जिसमें सरकारी धन का जमकर दुरूपयोग किया गया था.

उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद मजबूरी में वह बंगला उन्हें खाली करना पड़ा, लेकिन बंगला खाली करने से पहले जिस तरह उस विलासिता को छुपाने के लिए तोड़-फोड़ की गई वो शर्मनाक भी है और निन्दनीय भी.

त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उस बंगले से टाइल्स और टोंटिया, निकलवा कर अपनी हताशा को दर्शाया है और कई गम्भीर प्रश्न भी खड़े किए हैं। सपा और अखिलेश यादव को जनता को बताना चाहिए कि उन्होंने बंगले से टाइल्स क्यूं उखड़वाई.
 

 

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