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विधानसभा अध्यक्ष विश्वास मत की प्रक्रिया आज ही पूरी करें: राज्यपाल

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:


कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने विधानसभा अध्यक्ष से एच डी कुमारस्वामी द्वारा पेश विश्वास मत प्रस्ताव की प्रक्रिया गुरुवार को ही पूरी करने को कहा है।

विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हें विश्वास मत की प्रक्रिया को आज ही पूरा करने को कहा है। 

इससे पहले राज्य में मुख्य विरोधी दल भाजपा ने राज्यपाल से अनुरोध किया था कि वो विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश दें कि वह मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी द्वारा पेश किये गए विश्वास मत के प्रस्ताव पर गुरुवार को ही मतदान करवाएं। भाजपा को आशंका थी कि सत्ताधारी गठबंधन कांग्रेस और जद(एस) मामले को विलंबित करने के लिये हथकंडे अपना रहे हैं। 

राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा, “कर्नाटक के मुख्यमंत्री द्वारा पेश किये गए विश्वास मत के प्रस्ताव पर आज सदन में चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री से अपने कार्यकाल के दौरान हर समय सदन का विश्वास बरकरार रखने की उम्मीद की जाती है।” 

उन्होंने कहा, “मैं, इसलिये, सदन को यह संदेश भेज रहा हूं कि आज दिन खत्म होने तक सदन की प्रक्रिया को पूरा करने पर विचार करें।” 

बता दें त्ताधारी गठबंधन ने दलबदल निरोधक कानून के तहत अयोग्य घोषित करने के प्रावधान का उल्लेख करते हुए बागी विधायकों के खिलाफ व्हिप जारी करने की चेतावनी दी थी लेकिन अब बागियों को  वापस अपने पाले में लाने की उम्मीदें और कम हो गई हैं ।  

कांग्रेस के 13 और जेडीएस के तीन विधायकों सहित कुल 16 विधायकों ने इस्तीफा दिया है। वहीं, दो निर्दलीय विधायकों- आर शंकर तथा एच नागेश ने गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। सदन में सत्ताधारी गठबंधन का संख्याबल 117 हैं। जिसमें कांग्रेस के 78, जदएस के 37, बसपा का एक और एक नामित सदस्य हैं।

इसके अलावा विधानसभाध्यक्ष हैं। दो निर्दलीयों के समर्थन से 225 सदस्यीय विधानसभा में विपक्षी बीजेपी  के पास 107 विधायक हैं। यदि 16 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार हो जाते हैं तो सत्ताधारी गठबंधन का संख्याबल कम होकर 101 हो जाएगा। इससे 13 महीने पुरानी कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ जाएगी। 

कांग्रेस के बागी विधायक बी सी पाटिल ने मीडिया को जारी एक वीडियो में कहा, ‘‘हम माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय से खुश हैं, हम उसका सम्मान करते हैं।’’ इससे सत्ताधारी गठबंधन की उन्हें वापस अपने पाले में लाने की उम्मीदें और कम हो गई।

पाटिल के साथ कांग्रेस-जदएस के 11 अन्य विधायक भी थे जिन्होंने इस्तीफ दिया है। पाटिल ने कहा, ‘‘हम सभी साथ हैं और हमने जो भी निर्णय किया है...किसी भी कीमत पर (इस्तीफों पर) पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। हम अपने निर्णय पर कायम हैं। विधानसभा जाने का कोई सवाल नहीं है।’’ 

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