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केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा, #MeToo मामले की सुनवाई के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी''

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

जहां एक तरफ #MeToo मुहिम के तहत महिलाएं अपने ऊपर हुए अत्याचारों को लेकर ट्विटर पर अपनी बात रख रही हैं वहीं अब इस पूरे मामले को बड़ा देखते हुए केंद्र सरकार में मंत्री मेनका गांधी ने मीडिया से बात की है. केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा है कि ''मी टू मामलों की जन सुनवाई के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी''

इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि वरिष्ठ न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञों वाली प्रस्तावित समिति #MeToo से उत्पन्न सभी मुद्दों को देखेगी.. मैं प्रत्येक शिकायत की पीड़ा और सदमा समझ सकती हूं.''

इसके साथ ही मेनका गांधी ने कहा, ''मैं चाहती हूं कि महिलाओं के लिए काम करने की जगह बेहतर हो..महिलाओं को अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कई प्लेटफार्म हैं. यौन शोषण की शिकायत को ICCs या फिर इसके लिए जो She-Box का पोर्टल है उसके तहत किया जा सकता है. महिलाएं हमें ट्वीट करके भी शिकायत कर सकती हैं. मैं सभी महिलाओं से कहना चाहती हूं कि वो बिना डरे किसी भी तरह के यौन शोषण की शिकायत करें.. हम उनकी हर संभव मदद करेंगे.'' 

बता दें, कुछ दिन पहले तनुश्री दत्ता के द्वारा नाना पाटेकर पर यौन शोषण का आरोप लगाया गया था. उसके बाद से ही कई अन्य महिलाओं के द्वारा अपनी बातों को ट्विटर के माध्यम से कहा जा रहा है. #MeToo मुहिम के तहत जिन लोगों के नाम आए हैं उनकी लिस्ट काफी लंबी है. अभी तक इस लिस्ट में फिल्म एक्टर आलोक नाथ, सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य, लेखक चेतन भगत, राजनेता और पत्रकार रहे एमजे अकबर, फिल्म डायरेक्टर साजिद खान, डायरेक्टर करीम मोरानी, विकास बहल जैसे लोगों के नाम आए हैं. 

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बता दें, इससे पहले मेनका गांधी ने कहा था कि ''नेशनल कमीशन ऑफ वुमेन के पास जो भी कंप्लेन आती हैं वो उनकी जांच करती है और उसपर कार्रवाई भी किया जाता है. जिसके तहत हमने हजारों की तादाद में केसों का समाधान किया है.'

उन्होंने कहा था, 'मैं अभी इस (तनुश्री) मामले पर कोई कमेंट करना नहीं चाहती .. हम इस मामले में शिकायत करने की अवधी को बढ़ाने की सिफारिश करेंगे ताकि अगर किसी का शोषण होता है तो बड़े होकर वो उस मामले की शिकायत कर सके .. हम इसकी उम्र को 30 साल करने की मांग करेंगे.'

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मेनका गांधी ने कहा था, 'दूसरा ये है कि हर कंपनी और हर फिल्म डायरेक्टर को हम लोगों ने चिट्ठी लिखी थी कि सभी कंपनी को एक सेक्शुअल हैरेसमेंट कमेटी शुरू करना पड़ेगा और अगर  ऐसा कुछ हो किसी के भी साथ तो सेक्शुअल हैरेसमेंट कमेटी को इस पर कार्रवाई करनी ही पड़ेगी. जिसपर 10 डायरेक्टर ने हमें लिखा था कि हम शुरू कर रहे हैं. अगर जो डायरेक्टर सेक्शुअल हैरेसमेंट कमेटी का गठन नहीं करता है तो वो गैरकानूनी होगा.'

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