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अमित शाह की रथ यात्रा के लिए अनुमति नहीं मिलने पर कोर्ट का रूख करेगी BJP

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष दिलीप घोष ने सोमवार को धमकी दी है कि अगर दिसंबर में राज्य में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की प्रस्तावित रथ यात्रा को राज्य सरकार अनुमति नहीं देती है तो पार्टी अदालत का रूख करेगी. घोष ने कहा कि अगर तृणमूल कांग्रेस प्रस्तावित रथ यात्रा का विरोध करने की कोशिश करेगी तो राज्य के लोग प्रदर्शन के लिए बाहर निकलेंगे क्योंकि यह बंगाल में लोकतंत्र बहाली के लिए है. दिलीप घोष ने कहा, ‘‘पुलिस और राज्य सरकार से अभी तक अनुमति नहीं मिली है. हमने पुलिस अधिकारियों से बार-बार मिलने का प्रयास किया लेकिन असफलता मिली. जब तक हमें अनुमति नहीं मिलती हम पूरे यात्रा मार्ग का प्रबंधन कैसे करेंगे?’’ 

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पांच, सात और नौ दिसंबर को बंगाल के सभी 42 लोकसभा क्षेत्रों के लिए तीन रथ यात्राओं की शुरूआत करेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘अगर सरकार अनुमति देने में इसलिए विलंब कर रही है कि इससे हमारी रथ यात्रा का कार्यक्रम रद्द हो जाएगा तो वह गलतफहमी में हैं. अगर वे हमें अनुमति नहीं देते हैं तब हम अदालत जाएंगे और इसके लिए लड़ाई लड़ेंगे.’’ ‘यात्रा’ के समापन पर पार्टी की योजना कोलकाता में एक विशाल रैली आयोजित करने की है जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित कर सकते हैं.

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भाजपा के पश्चिम बंगाल महिला मोर्चा की अध्यक्ष लॉकेत चटर्जी ने शनिवार को कहा था कि जो रथ यात्रा रोकने का प्रयास कर रहे हैं वे ‘रथ के पहिए के नीचे कुचले जाएंगे.’’ 

बता दें, बीते कई महीनों से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह एवं पश्चिम बंगाल के स्थानीय नेता राज्य में बीजेपी को उभारने में जुटे हुए हैं. बीजेपी, पश्चिम बंगाल में 2019 लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रही है यही वजह है कि वो राज्य में ममता बनर्जी की पार्टी TMC के साथ आर-पार के मूड में नजर आ रही है.

वहीं दूसरी तरफ ममता बनर्जी समेत तमाम विपक्षी दल बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के लिए महागठबंधन की तलाश में जुटे हुए हैं. TDP अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू तमाम विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने के लिए देश के सभी बड़े नताओं से मुलाकात कर रहे हैं. नायडू का मकसद गैर भाजपा दलों को एकजुट करके 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करनी है.

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