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एक बार फिर भाषा की मर्यादा भूले कन्हैया कुमार- PM मोदी को बताया 'नालायक', देखे VIDEO

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

किसी भी स्वस्थ लोकतत्र के लिए आलोचना बेहद जरूरी होती है, लेकिन जब आलोचना के नाम पर अमर्यादित शब्दों का प्रयोग होने लगे तो वाक्य ही वो कही से भी लोकतंत्रिक नहीं कह जाएगा. बरहाल जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, (जेएनयू) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं छात्र नेता कन्हैया कुमार ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया है.

 मुंबई में संविधान बचाओ रैली को  संबोधित करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि  झूठ बोलने की जिम्मेवारी पीएम मोदी की स्वयं की है. मुंबई में अगर वो बॉलीवुड में काम कर रहे होते तो उन्हें सर्वश्रेष्ठ एक्टर का ऑवर्ड मिलता. उन्होंने आगे कहा कि कल मोदी बोल रहे थे कि किसी ने उनकी माता को गाली दी है. तुम्हारी माता कोई गाली दे रहा है तो बिल्कुल गलत कर रहा है..  लेकिन वो तुम इतने बड़े 'नालायक' हो कि अपनी 90 साल की मां को एटीएम की लाइन में लगा देते हो.. बार बार वो कहते हैं कि वो चाय वाले हैं. 

गौरतलब है कि इससे पहले  पूर्व केंद्रीय मंत्री विलास मुत्तेमवार का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें शनिवार को राजस्थान में कांग्रेस की एक जनसभा के दौरान कहा था, ‘‘आपके (मोदी के) प्रधानमंत्री बनने से पहले आपको जानता कौन था? अब भी आपके पिता का नाम कोई नहीं जानता, लेकिन हर कोई (कांग्रेस अध्यक्ष) राहुल गांधी के पिता का नाम जानता है .’’

मुत्तेमवार के इस बयान का वीडियो वायरल हो गया .

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस द्वारा उनकी मां के बाद पिता को भी राजनीति में ‘‘घसीटे’’ जाने पर कहा कि कांग्रेस अब मुद्दों के अभाव में ऐसी ओछी हरकतें कर रही है .
मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के पक्ष में रविवार को यहां एक आमसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बहुत दिक्कत होती है उनको, जब मुद्दे नहीं बचे, तर्क नहीं बचे,जो जनता का विश्वास खो चुके हैं, खुद पर भरोसा उठा चुका है . तब एक ही रास्ता बचा है . गाली गलौज, गाली गलौज .

उन्होंने कहा, ‘‘मैं हैरान हूं और ये नामदार कांग्रेस पार्टी के मुखिया . ये जो कुछ भी चल रहा है, उसको वे समर्थन दे रहे हैं .’’

मोदी ने कहा, ‘‘मैं हैरान था दो दिन पहले कांग्रेस के एक नेता हमारी माताजी को चुनाव में घसीट लाये . हमारी माताजी जिसने बेचारी ने मध्य प्रदेश कहां है, यह भी देखा नहीं . जो राजनीति का ‘‘र’’ नहीं जानतीं . अपने छोटे से कमरे में प्रभु पूजा में जीवन बिता रही हैं . क्या मेरी मां को इस प्रकार से घसीटना उचित था . क्या आपके पास यही मुद्दा बचा है .’’

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