Politics

VHP ने राममंदिर निर्माण की ‘समयसीमा’ निर्धारित की, बोले- ‘‘जनेऊधारी’’ नेता भी दें समर्थन....

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए वह ‘‘अंतिम लड़ाई’’ लड़ रही है और इस वर्ष के अंत तक संसद में एक अध्यादेश लाने के लिए भाजपा नीत केन्द्र सरकार के लिए एक ‘‘समय सीमा’’ तय की गई है.

राम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में विहिप की उच्च स्तरीय समिति की यहां हुई एक दिवसीय बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें संसद में एक अध्यादेश लाने की मांग की गई, जो उत्तर प्रदेश के अयोध्या में विवादित स्थल पर एक भव्य राम मंदिर के निर्माण का रास्ता निकालेगा.

यह भी पढ़ें- S-400 मिसाइल सिस्टम डील पर USA ने कहा - अमेरिकी प्रतिबंधों के मकसद रूस को दंडित करना है न कि सहयोगियों को

बैठक के बाद संतों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और उन्हें प्रस्ताव की एक प्रति सौंपी और उनसे अनुरोध किया कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करें. विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार के लिए इस वर्ष के अंत तक संसद में अध्यादेश लाये जाने की ‘‘समयसीमा’’ तय की गई है.

नरेन्द्र मोदी सरकार को ‘‘राम भक्तों’’ में से एक के रूप में वर्णित करते हुए विहिप नेता ने उम्मीद जतायी कि देश में करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को स्वीकार किया जायेगा और ‘‘2018 के सूर्यास्त से पहले’’ कानून लाया जायेगा.

यह भी पढ़ें- मोदी सरकार के पेट्रोल- डीजल की कीमतों में कटौती के ऐलान के बाद इन राज्यों में मिलेगा 5 रुपए सस्ता तेल...

कुमार ने कहा,‘‘यदि ऐसा नहीं होता है तो इसके बाद हमारे पास सभी विकल्प हैं. इलाहाबाद में महाकुंभ के इतर अगले वर्ष होने वाली दो दिवसीय ‘धर्म संसद’ के दौरान भविष्य की रणनीति पर निर्णय लिया जायेगा.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिये बगैर कुमार ने कहा कि ‘‘जनेऊधारी’’ नेताओं को भी उनकी मांग का समर्थन करना चाहिए.इससे पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि विपक्षी पार्टियां भी अयोध्या में राम मंदिर का खुलकर विरोध नहीं कर सकती क्योंकि वह देश की बहुसंख्यक जनसंख्या के इष्टदेव हैं.

(इनपुट- भाषा)


 

DO NOT MISS