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राम मंदिर पर बोले महेंद्र नाथ पांडेय, 'BJP ने मंदिर निर्माण के लिए पारित किया था राजनीतिक प्रस्ताव'

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर आए दिन राजनीतिक गलियारे में कोई न कोई हलचल देखने को मिलती रहती है. 25 नवंबर को अयोध्या में धर्म सभा होने वाली है. अयोध्या में 25 नवंबर को होने वाली धर्म सभा से पहले भारतीय जनता पार्टी ने आज दावा किया कि वो देश की एकमात्र राजनीतिक पार्टी है, जिसने राम मंदिर निर्माण के लिए राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया था और उस पर मजबूती से कायम है. 

उत्तर प्रदेश ईकाई के बीजेपी अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि भाजपा देश की एकमात्र पार्टी है, जिसने 1989 में अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक (पालमपुर, हिमाचल प्रदेश) में राजनीतिक प्रस्ताव पारित कर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का समर्थन किया था.

उन्होंने कहा, 'बीजेपी उस प्रस्ताव पर मजबूती से कायम है. भाजपा के लिए राम मंदिर आस्था और भक्ति का मामला है. बीजेपी कानून के तहत राम मंदिर निर्माण की मजबूत पक्षधर है. जहां तक धर्मसभा का प्रश्न है, भाजपा साधु संत समाज का सम्मान करती है.'

क्या आगामी लोकसभा चुनाव में राम मंदिर मुददा होगा इस सवाल पर पाण्डेय ने कहा कि भाजपा राम मंदिर को चुनावी मुद्दा नहीं बनाएगी. राम मंदिर निर्माण आस्था और भक्ति का मामला है. उन्होंने कहा कि हम चुनाव 'सबका साथ सबका विकास' और 'साफ नीयत सही विकास' के नारे के साथ लडेंगे.

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महेंद्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि 2014 में भारत की जनता को पता था कि मोदी को गुजरात में कार्य करने से रोका गया था इसलिए जनता ने तय किया कि गुजरात से ही किसी को देश का नेता बनाया जाए. आज जनता देख सकती है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनके लिए काम कर रहे हैं लेकिन निहित स्वार्थी तत्व और भ्रष्टाचारी लोग पीएम मोदी को रोक रहे हैं.

उन्होंने दावा किया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 2014 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करेगी.

गौरतलब है कि 29 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले की सुनवाई को जनवरी 2019 तक के लिए टाल दिया था. जिसके बाद से ही देश की राजनीति काफी तेज हो गई है. 

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