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अगले प्रधानमंत्री की भविष्यवाणी करना ‘बहुत मुश्किल’ है : रामदेव

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी शोर के साथ-साथ देश के हर गलियारे में बेचैनी बढ़ती जा रही है. हर किसी के ज़हन में सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है. आखिर आगामी लोकसभा चुनाव 2019 में किसके सिर बंधेगा जीत का सेहरा, आखिर देश किसे सत्ता का सिंहासन सौंपेगा? सवाल हर किसी के पास है लेकिन जवाब कोई नहीं जानता.

इस बीच योग गुरू बाबा रामदेव ने देश में होने वाले लोकसभा चुनाव और प्रधानमंत्री की भविष्यवाणी को लेकर उलझा देने वाली टिप्पणी की है.

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात के मद्देनजर देश के अगले प्रधानमंत्री की भविष्यवाणी करना ‘‘बहुत मुश्किल’’ है.

उन्होंने कहा कि उनका ध्यान राजनीति पर केंद्रित नहीं है. योग गुरु बाबा रानदेव ने ये भी कहा कि वो 2019 के लोकसभा चुनावों में किसी का समर्थन या विरोध नहीं करेंगे.

मदुरै हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में मंगलवार को रामदेव ने बोला, ‘‘हम नहीं कह सकते कि 2019 के आम चुनाव के बाद अगला प्रधानमंत्री कौन बनेगा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा कोई राजनीतिक या धार्मिक एजेंडा नहीं है. हम एक आध्यात्मिक भारत और विश्व बनाना चाहते हैं, न कि हिंदू भारत या साम्प्रदायिक भारत.’’

उनका ये बयान तब आया है जब भारतीय जनता पार्टी को हाल में संपन्न छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में जोरदार झटका लगा है जहां कांग्रेस ने बीजेपी से सत्ता छीन ली.

अयोध्या पर क्या बोले रामदेव?

अयोध्या विवाद का जिक्र करते हुए रामदेव ने दावा किया कि अब अगर अयोध्या में ‘राम मंदिर’ नहीं बना तो भाजपा भरोसा खो देगी.

योग गुरु रामेश्वरम में भारत स्वाभिमान की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाग लेने आए हुए थे.

नसीरुद्दीन की टिप्पणी पर मचे घमासान पर बोले रामदेव..

उत्तर प्रदेश में भीड़ की हिंसा पर बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी पर उन्होंने कहा, ‘‘भारत पर धार्मिक असहिष्णुता का आरोप लगाना देश के गौरव को कम करने के बराबर है.’’ उन्होंने कहा कि भारत पर धार्मिक असहिष्णुता का आरोप ‘‘अकृतज्ञता, अपमान और देशद्रोह’’ के समान है.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हाल में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए शाह ने कहा था कि देश में कई जगहों पर ‘‘गाय की मौत को एक पुलिसकर्मी की हत्या से अधिक महत्व दिया जाता है.’’

(इनपुट : भाषा)

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