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CBI Vs Mamata Live Updates: सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई की अर्जी पर सुनवाई आज, पल-पल की खबर पर R. भारत की नज़र

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

उच्चतम न्यायालय कोलकाता पुलिस आयुक्त पर शारदा चिटफंड घोटाला मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूत नष्ट करने का आरोप लगाने वाली सीबीआई की अर्जियों पर मंगलवार यानि आज सुनवाई करेगा।

सीबीआई का आरोप है कि असाधारण परिस्थितियां उत्पन्न होने की वजह से उसने यह आवेदन दायर किये हैं जिसमे पश्चिम बंगाल के पुलिस के शीर्ष अधिकारी कोलकाता में एक राजनीतिक दल के साथ धरना दे रहे हैं।

यहां पढ़ें हर लाइव अपडेट

LIVE UPDATE: 12:01 AM

  • जैसा मैंने कल कहा आज वही कहूंगा कि एक पुलिस अधिकारी धरने पर बैठा है इसका मतलब सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई है, लाखों लोगों के हजारों करोड़ लूट लिए गए हैं, इसकी जांच होनी चाहिए कि नहीं, ये जांच होना बहुत जरूरी है, सीबीआई इस मामले को पूरी ईमानदारी से देखे, ये सीबीआई की नैतिक जीत है- रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय कानून मंत्री

LIVE UPDATE: 11:47 AM

  • लाखों निवेशकों का हजारों करोड़ लूटा गया, गरीबों की जांच होनी चाहिए या नहीं- रविशंकर

LIVE UPDATE: 11:43 AM

  • बड़ा सवाल 3 साल से राजीव कुमार क्यों नहीं पेश हो रहे थे, कौनसी ताकते थी जो रोक रही थी, सबूत को नष्ट किया गया- रविशंकर

LIVE UPDATE: 11:40 AM

  • ममता शांत क्यों है इस पर, क्यों और राजनीतिक पार्टियां शांत हैं, सीबीआई की नैतिक जीत है- केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद 

LIVE UPDATE: 11: 37AM

  • ममता बनर्जी जी को तय करना है कि वो धरने पर बैठे या नहीं , वो मंत्री के लिए नहीं उतरी लेकिन अफसर के लिए उतरी- नलिन कोहली

LIVE UPDATE: 11:35 AM

  • सीबीआई-कोलकाता पुलिस आयुक्त मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले पर ममता ने कहा, यह हमारी नैतिक जीत है

LIVE UPDATE: 11:33 AM

  • मैं सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ नहीं हूं, हम उनका सम्मान करते हैं, लेकिन उन्हें किसी राजनीतिक पार्टी की नहीं सुननी चाहिए और स्वतंत्र होकर काम करना चाहिए- ममता बनर्जी

LIVE UPDATE: 11:30 AM

  • हर कोई जानता है कि पीएम नरेंद्र मोदी सत्ता में वापस नहीं आएंगे- ममता बनर्जी

LIVE UPDATE: 11:25 AM

  • राजीव कुमार ने कभी नहीं कहा कि वह उपलब्ध नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि हम आपसी स्थान पर मिलना चाहते हैं, यदि आप कोई स्पष्टीकरण मांगना चाहते हैं, तो आप आ सकते हैं और हम साथ बैठ सकते हैं- ममता बनर्जी

LIVE UPDATE: 11:20 AM

  • मैं अपने नेताओं के साथ बात करूंगी। चंद्रबाबू नायडू आज आ रहे हैं। हम परामर्श करेंगे और फिर निर्णय लेंगे- ममता बनर्जी

LIVE UPDATE: 11:12 AM

  • चिटफंड घोटाले की जांच के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित एसआईटी का नेतृत्व कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार कर रहे थे : अटॉर्नी जनरल

LIVE UPDATE: 11:10 AM

  • कोलकाता पुलिस ने छेड़छाड़ किए हुए कॉल डेटा रिकॉर्ड मुहैया कराए : अटॉर्नी जनरल

LIVE UPDATE: 11:05 AM

  • कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को मेघालय के शिलांग में सीबीआई के सामने पेश होना होगा...

LIVE UPDATE: 11:03 AM

  • सीबीआई की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राजीव कुमार को नहीं किया जा सकता है गिरफ्तार

LIVE UPDATE: 11:01 AM

  • सीबीआई की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी,  कोर्ट ने राजीव कुमार को सीबीआई के सामने पेश होने और जांच में सहयोग करने को कहा।

LIVE UPDATE: 10:15 AM

  • सीबीआई ने एक सीलबंद रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति मांगी है.

LIVE UPDATE: 9:30 AM

  • पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंच पर फिर पहुंचे कोलकाता पुलिस के कमिश्नर राजीव कुमार

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ के समक्ष जांच ब्यूरो की ओर से सोमवार को सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार पर शारदा चिटफंड घोटाले से संबंधित मामले के साक्ष्य नष्ट करने और न्यायालय की अवमानना का आरोप लगाते हुये इसका उल्लेख किया।

पीठ ने हालांकि जांच ब्यूरो के इन दो आवेदनों पर सोमवार को भोजनावकाश के बाद के सत्र में सुनवाई से इंकार कर दिया।

पीठ ने कहा कि इस दौरान सॉलिसीटर जनरल या कोई भी अन्य पक्ष ऐसी सामग्री या साक्ष्य न्यायालय में पेश कर सकता है जिससे यह पता चलता हो कि पश्चिम बंगाल में प्राधिकारी या पुलिस अधिकारी इस मामले से संबंधित साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं या इसकी योजना बना रहे हैं।

पीठ ने कहा कि इस तरह की सारी सामग्री और साक्ष्य उसके समक्ष हलफनामे के माध्यम से दायर किये जाने चाहिए।

इससे पहले, सुबह सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘‘असाधारण परिस्थिति उत्पन्न होने की वजह से सीबीआई को शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप के लिये आवेदन दायर करना पड़ा है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार की रात में पश्चिम बंगाल पुलिस ने सीबीआई के अधिकारियों को उस वक्त हिरासत में ले लिया जब वे शारदा चिट फंड प्रकरण की जांच के सिलसिले में साक्ष्यों के लिये कोलकाता पुलिस आयुक्त के कार्यालय गये थे।

मेहता ने कहा कि पुलिस ने सिर्फ गिरफ्तार ही नहीं किया बल्कि संयुक्त निदेशक (पूर्व) पंकज श्रीवास्तव का आवास भी घेर लिया और उनके परिवार को बंधक बनाकर रखा।

उन्होंने कहा कि कोलकाता में सीजीओ परिसर में स्थित सीबीआई कार्यालय की घेराबंदी भी की गयी।

सॉलिसीटर जनरल के इस कथन के बीच ही पीठ ने उनसे जानना चाहा कि सोमवार की सुबह क्या हालात थे तो उन्होंने कहा कि सीबीआई अधिकारियों को रिहा कर दिया गया है।

संयुक्त निदेशक ने टेलीकांफ्रेंस के माध्यम से मीडिया चैनलों को अपने आवास की घेराबंदी किये जाने और परिवार को एकतरह से बंधक बनाये जाने की जानकारी दी थी।

उन्होंने कहा कि इस मामले में तत्काल आदेश की आवश्यकता है क्योंकि सीबीआई की जांच के दायरे में आये कोलकाता के पुलिस आयुक्त शारदा घोटाले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और सामग्री नष्ट कर सकते हैं।

मेहता ने कहा कि शारदा चिट फंड घोटाले की जांच में शामिल होने के लिये कोलकाता के पुलिस आयुक्त को बार-बार समन भेजे जाने पर भी उन्होंने इनका जवाब नहीं दिया और , ‘‘जब हमारा दल उनके आवास पर पहुंचा तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया।’’

सॉलिसीटर जनरल ने न्यायालय से कहा कि जांच एजेन्सी ने दो आवेदन दायर किये हैं। पहले आवेदन में पुलिस आयुक्त को तत्काल समर्पण करने और किसी भी साक्ष्य को नष्ट नहीं करने का आदेश देने का अनुरोध न्यायालय से किया गया है।

दूसरा आवेदन पुलिस आयुक्त द्वारा न्यायालय की अवमानना के बारे में है क्योंकि इस मामले में शीर्ष अदालत के आदेश पर ही जांच की जा रही है।

हालांकि, पीठ ने कहा कि वह इस मामले में मंगलवार को सुनवाई करेगी।

मेहता ने कहा कि यह असाधारण परिस्थितियों वाला मामला है जिसमे पुलिस आयुक्त एक राजनीतिक दल के साथ धरने पर बैठे हैं। उन्होंने पीठ से कहा, ‘‘कृपया इस तथ्य का संज्ञान लें कि वर्दी में लोग एक राजनीतिक दल के साथ धरना दे रहे हैं और इसलिए इस पर अपराह्न दो बजे सुनवाई की जाये।’’

मेहता की इस दलील पर पीठ ने कहा, ‘‘यदि सारे साक्ष्य नष्ट कर दिये जाये तो भी यह इलेक्ट्रानिक रूप में हैं और इन्हें हासिल किया जा सकता है।’’ पीठ ने कहा कि यदि पुलिस आयुक्त साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास कर रहे होंगे तो हम उनसे सख्ती से पेश आयेंगे और वह इसे भूलेंगे नहीं।’’

पीठ ने कहा कि उसने अवमानना याचिका का अवलोकन किया है और इसमें ऐसा कुछ नहीं है। इसी वजह से हम पांच मिनट देर से एकत्र हुये हैं।

इस पर पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने जांच ब्यूरो के आवेदन का विरोध करते हुये कु्छ कहने का प्रयास प्रयास किया लेकिन पीठ ने उन्हें बीच में ही रोककर अपना आदेश लिखा दिया


 

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