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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाए भाजपा : शिवसेना

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

शिवसेना ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर अध्यादेश लाने और तारीख की घोषणा करने के लिए कहा है. भाजपा पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में लिखा, "सत्ता में बैठे लोगों को शिवसैनिकों पर गर्व होना चाहिए जिन्होंने रामजन्मभूमि में बाबर राज को खत्म कर दिया. शिवसेना ने कहा कि वह चुनाव के दौरान न तो भगवान राम के नाम पर वोटों की भीख मांगती है और न ही जुमलेबाजी करती है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर 25 नवंबर को अयोध्या का दौरा करेंगे.

संपादकीय में लिखा है, "हमारे अयोध्या दौरे को लेकर खुद को हिंदुत्व समर्थक कहने वालों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? हम राजनीतिक मकसद से वहां नहीं जा रहे हैं." शिवसेना ने दावा किया कि उसने "चलो अयोध्या" का नारा नहीं दिया है. उसने कहा, "अयोध्या किसी की निजी जगह नहीं है. शिवसैनिक वहां भगवान राम के दर्शन करने जा रहे हैं."

संपादकीय में ये भी कहा गया है, "अयोध्या में अब रामराज नहीं सुप्रीम कोर्ट का राज है. 1992 में बालासाहेब के शिवसैनिकों ने रामजन्मभूमि में बाबर राज को तबाह कर दिया था. फिर भी सत्ता में बैठे लोग उन शिवसैनिकों पर गर्व करने के बजाय उनसे डर और जलन महसूस कर रहे हैं. अयोध्या जा रहे शिवसैनिकों पर तोहमत लगाने की जगह सरकार को मंदिर निर्माण के लिए तारीख बताकर संदेह खत्म करना चाहिए." 

संपादकीय में कहा गया है कि "आप राम मंदिर के निर्माण की तारीख क्यों तय नहीं कर रहे हैं? अगर मंदिर निर्माण का मुद्दा आपके हाथ से निकल गया तो 2019 में आपकी रोजी-रोटी के अलावा कई लोगों की जुबान बंद हो जाएगी." 

जहां एक तरफ राम मंदिर मुद्दे पर हिंदूवादी संगठनों के द्वारा अध्यादेश लाने की बात की जा रही है वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट से ही इस पूरे मामले में अंतिम फैसला करने की बात कर रहे हैं. कुछ दिन पहले भारतीय जनता पार्टी के नेता और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि 'राम मंदिर बनेगा तो सबको खुशी होगी. हमारा यह मानना है एक अच्छे वातावरण में राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए.' 

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले की सुनवाई को जनवरी 2019 तक के लिए टाल दिया है. पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि अयोध्या मामले पर 2019 लोकसभा चुनाव से पहले फैसला आ सकता है.

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