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साध्वी प्राची बोलीं, '6 दिसंबर को ही हमें शिलान्यास करना है, अयोध्या के अंदर हिंदुस्तान के हिंदुओं को बुलाओ..'

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा बीते कई दिनों से राम मंदिर को लेकर कई बयान दिए जा रहे हैं. जहां एक तरफ RSS राम मंदिर पर अध्यादेश लाने की बात कर रही है वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के कई नेता अयोध्या में विशाल राम मूर्ति बनाने की बात कर रहे हैं. वहीं बीजेपी की नेता साध्वी प्राची ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हो रहे अखिल भारतीय संत समिति में हिस्सा लेते हुए बड़ा बयान दिया है. साध्वी प्राची ने कहा है कि 'राम जी का मंदिर धूम-धाम से बनेगा.. 6 दिसंबर को ही हमें शिलान्यास करना है.. अयोध्या के अंदर हिंदुस्तान के हिंदुओं को बुलाओ.. राम मंदिर की घोषणा करो.. किसी की जरूरत नहीं .. राम मंदिर बन जाएगा..''

बीजेपी पर बरसे आजम खान-

वहीं इस मामले पर समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने मीडिया से बात करते हुए अपनी बात रखी है. आजम खान ने कहा है कि ''हम उनके (BJP) फैसले का स्वागत करते हैं.. अब फैसला जल्द आने की उम्मीद है क्योंकि RSS ने सुप्रीम कोर्ट को एडवाइजरी जारी कर दी है.. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के पास अब और कोई विकल्प नहीं बचा है. बहुत जल्द एडवाइजरी मजबूरी में बदल जाएगी. बीजेपी ने लोगों को दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था..''

राम मंदिर को लेकर शशि थरूर ने दिया बयान-

वहीं कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी राम मदिर मुद्दे पर बात करते हुए कहा है कि जहां तक राम मंदिर का सवाल है .. ये पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में है.. और हमें इंतजार करना चाहिए.. जहां तक प्राइवेट मेंबर बिल की बात है.. कई मामलों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.. लेकिन लोगों का ध्यान अपनी ओर खीचने के लिए राम मंदिर केस के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है.''

कोर्ट के फैसले पर क्या बोले राम माधव-

वहीं बीजेपी नेता राम माधव ने कहा है कि 'बहुत दुखद है कि न्याय प्रणाली फेल हो गई है.. पिछले CJI ने कहा था कि 29 अक्टूबर से सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई होगी.. लेकिन अब नए CJI ने आकर इस पूरे मामले को जनवरी तक के लिए टाल दिया है.'' 

VHP ने केंद्र सरकार के कर दी ये मांग-

वहीं विश्व हिंदू परिषद के नेता आलोक कुमार ने कहा है कि ''हमने केंद्र सरकार से राम मंदिर निर्माण करने के लिए कानून बनाने की बात कही है. संसद के पास अध्यादेश लाने का अधिकार है.. अगर ऐसा नहीं होता है तो संत समुदाय इस पूरे मामले पर आगे क्या करना है विचार करेगा.''

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले की सुनवाई को जनवरी 2019 तक के लिए टाल दिया है. कोर्ट ने कहा है कि अभी कोई जरूरी तारीख नहीं दी जा सकती है क्योंकि कोर्ट की अन्य प्राथमिकताएं भी हैं. पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि अयोध्या मामले पर 2019 लोकसभा चुनाव से पहले फैसला आ सकता है. 

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