Politics

रॉबर्ट वाड्रा का दोस्त संजय भंडारी बन सकता है सरकारी गवाह, राफेल समेत कई डिफेंस डील में कर सकता है अहम खुलासे: सूत्र

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा राफेल डील को लेकर रॉबर्ट वाड्रा और उनके दोस्त संजय भंडारी पर कांग्रेस की सरकार के समय हो रहे 'राफेल डील' में शामिल होने का आरोप लगाया गया था. वहीं अब रिपब्लिक टीवी को सूत्रों ने बताया है कि रॉबर्ट वाड्रा का दोस्त संजय भंडारी भारत सरकार को डिफेंस डील में हुई गड़बड़ियों के बारे में सब कुछ सच बताने के लिए तैयार है.

सूत्रों का कहना है कि संजय भंडारी ने एक अन्य हथियार डीलर जो लंदन में रहता है. उसके जरिए इस बात को सरकार तक पहुंचाया है. बता दें, अभी तक इस पूरे मामले पर सरकार के द्वारा कुछ भी कहा नहीं गया है. संजय भंडारी अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खत्म करवाना चाहता है. इसलिए वो रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ, डिफेंस डील में कौन-कौन लोग थे सबकुछ सरकार के सामने बताना चाहता है. 

ये भी कहा जा रहा के संजय भंडारी ने अपने सहयोगी के द्वारा सरकार को मैसेज पहुंचाया है कि वो काफी प्रेशर में है और सरकार के साथ समझौता करना चाहता है और इस दिशा में उसे सरकार से सकारात्मक रुख की उम्मीद है. हालांकि सरकार की तरफ से अभी तक इस पूरे मामले पर कुछ भी कहा नहीं गया है.

वाड्रा और भंडारी के बीच क्या हैं संबंध -

बता दें, कुछ दिनों पहले रिपब्लिक टीवी के हाथ रॉबर्ट वाड्रा और संजय भंडारी के बीच ईमेल के जरिए की गई बातचीत हाथ लगे थे. लगभग 100 पन्नों से भी ज्यादा के ये ई-मेल थे. इन ईमेल में रॉबर्ट वाड्रा और संजय भंडारी के बीच बातचीत का पूरा ब्यौरा है. बता दें, ईमेल में संजय भंडारी UPA के समय राफेल डील में अपनी कंपनी के लिए ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट चाहता था. रॉबर्ट वाड्रा और संजय भंडारी के बीच की गई बातचीत और फोटो से इन दोनों के बीच के संबंधों का उजाकर होता है.

इन ईमेल के जरिए साफ पता लगता है कि रॉबर्ट वाड्रा ने सुमित चड्ढा से फेवर लिए थे. जो संजय भंडारी का करीबी था. ईमेल के पहले पन्ने में इन दोनों के बीच लंदन में 19 करोड़ के घर की बात हो रही है. जिसे सुमित चड्ढा के द्वारा खरीदा गया था. वहीं दूसरे ई-मेल में चड्ढा, वाड्रा को ईमेल भेजता है, जिसमें वो वाड्रा को उस घर में चल रहे काम के बारे में जानकारी देता है.

DO NOT MISS