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राज बब्बर का PM मोदी पर तीखा हमला, कहा- प्रधानमंत्री की मां की उम्र के करीब नीचे गिरना शुरू हो गया है रुपया

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

कांग्रेस नेता राज बब्बर ने मध्य प्रदेश के इंदौर में एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है. बता दें, राज बब्बर ने पेट्रोल और डीडल के बढ़ते दामों को लेकर उनपर कड़ा प्रहार किया है. राज बब्बर ने कहा, 'डीजल और पेट्रोल के भाव बहुत ज्यादा थे. अब मैं कहूंगा की प्रधानमंत्री महोदय कम से कम अपनी आवाज तो सुन लो.. इतनी ईमानदारी बरत लो तुम ही ने कहा था वो बदकिस्मत थे..  अरे तुम तो बहुत मनहूस निकले की तुम्हारे जमाने में डीजल और पेट्रोल की क्या हालत है..मैंने कभी नहीं कहा.. मैं उनके शब्दों के बारे में बता रहा हूं.'

इसके साथ ही राज बब्बर ने कहा, 'जब वो कहते थे की डॉलर के सामने रुपए की कीमत ... रुपया इतना गिर गया है कि उस वक्त के प्रधानमंत्री की उम्र बताकर कहते थे कि उनकी उम्र के करीब जा रहा है. आज प्रधानमंत्री महोदय .. हम तो ये कहना चाहेंगे कि आपकी पूजनीय माता जी की उम्र के करीब नीचे गिरना शुरू हो गया है आज का रुपया ..''

राज बब्बर पर विजय रुपाणी का पलटवार -

बता दें, राज बब्बर के इस बयान पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. विजय रुपाणी ने राज बब्बर के इस बयान को घटिया बताया है. उन्होंने कहा है कि ''राज बब्बर घटिया टिप्पणी कर रहे हैं. राजनीति में कुछ मूल्य के साथ बर्ताव करना चाहिए.. राज बब्बर ने जो कहा है उसकी मैं कड़ी आलोचना करता हूं.''

इसके साथ ही रुपाणी ने कहा, 'मोदी जी की माता की उम्र के साथ डॉलर को बताना ये उनका मानसिक घटिया पन दिखाई पड़ता है और कांग्रेस चुनाव हार रही है.. देश में जनता का पूरा समर्थन उनका टूट गया है. जनता कांग्रेस को हर चुनाव में निकाल रही है.'

बता दें, इससे पहले राज बब्बर ने माओवादियों को लेकर एक बयान दिया था. बता दें, उन्होंने कहा था कि, ''गोलियों से फैसले हल नहीं होते.. उनके सवाल को एड्रेस करना पड़ेगा.. और उनको डरा कर .. उनको बहका कर या लालच देकर क्रांति के जो लोग निकले हुए हैं उन्हें रोक नहीं सकते हैं.''

इसके साथ ही राज बब्बर ने कहा था, 'न इधर की बंदूक से हल निकलेगा न उधर की बातचीत से हल निकलेगा.. हल, केवल उनके अधिकारों को एड्रेस करने से निकलेगा.. मैं मानता हूं कि ये आतंकवादी हरकतें ऐसी शुरुआत से होती है.. नक्सल आंदोलन जो शुरू हुआ है ये अधिकारों को लेकर शुरू हुआ है.. इनके अधिकारों के लेकर हमें एक साथ बैठना पड़ेगा.. जो लोग कही न कही आज अपने रास्ते से भटक गए हैं. उन भटके हुए लोगों को खींच कर लाना पड़ेगा..'
 

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