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MP: जीतू पटवारी के 'पार्टी गई तेल लेने' वाले बयान के बाद अब नया विवादित पोस्टर आया सामने, गरमाई राजनीति

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

मध्य प्रदेश में चुनावी बिगुल बज चुका हैं. राजनीतिक दल जोर शोर से प्रचार में जुटे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी इन दिनों इंदौर के चुनावी दौरे पर हैं. गांधी ने मंत्रोच्चार के बीच ऐतिहासिक महाकाल मंदिर के गर्भगृह में सफेद धोती (मंदिर में इसे शोला कहा जाता है) पहनकर ज्योतिर्लिंग की पूजा अर्चना की. गांधी लगभग आधे घंटे तक मंदिर में रहे.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मंदिर में मौजूद थे. लेकिन इसी बीच उनके इस दौरे से एक विवाद ओर जुड़ गया है. 

दरअसल बीते दिनों इंदौर के  रीगल तिराहे पर एक विवादित पोस्टर लगा मिला. इस पोस्टर में  राऊ विधानसभा से जुड़े कांग्रेस नेताओं के नाम लिखे हुए हैं. पोस्टर में राहुल गांधी, कमलनाथ और कांग्रेस के दिग्गज नेता बस में सवार दिखाई दे रहे हैं. 

विवादित पोस्टर में राहुल गांधी तेल ले जाते हुए दिखाई देते हैं. पोस्टर में आगे कमलनाथ और कांग्रेस के दिग्गज नेता बस में सवार दिखाई दे रहे हैं.

हालांकि यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि ये पोस्टर किसने लगाया है.वहीं विवाद खड़ा होने के बाद कांग्रेस ने पुलिस महानिरीक्षक के सामने शिकायत दर्ज कराई है.दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पोस्टर को कांग्रेस में गुटवाद का उदाहरण बताया है.

बता दें, बीते दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले और मध्यप्रेदश कांग्रेस के प्रचार समिति के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हैरान कर देने वाला बयान दिया था. जीतू पटवारी ने अपनी क्षेत्र के दौरे पर निकले थे और वहीं लोगों से बातचीत करते हुए उन्होंने कथित तौर पर अपनी पार्टी के खिलाफ बयान दिया. जीतू पटवारी की वोटरों के साथ बातचीत पूरी वीडियो में कैद हो गई.. जिसमें वो एक वोटर से वोट देने की अपील करते हुए कह रहे हैं कि पार्टी जाए तेल लगाने वोट तो मुझे ही देना. 

बता दें, मध्यप्रदेश में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच में हैं और सत्ता की बागडोर पारम्परिक तौर पर कांग्रेस या भाजपा के हाथों में ही रही है और सपा, बसपा जैसे दलों की गिनती "तीसरे ध्रुव" के सियासी दलों में होती है.  गौरतलब है कि 28 नवबंर को राज्य में एक ही चरण में मतदान होना है और 11 दिसबंर को अन्य चार राज्यों के साथ मध्यप्रदेश के मतों की गिनती होगी. 

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