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ममता बनर्जी की महारैली से पहले 'महागठबंधन' की उम्मीदों को लगा झटका! राहुल गांधी ने किया रैली से किनारा

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

2019 से पहले महागठबंधन की संभावनाओं को एक- एक करके करारा झटका लगता जा रहा है. शनिवार को मोदी सरकार के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा आयोजित महागठबंधन रैली से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने किनारा क लिया और इस बात की पुष्टि सूत्रों ने की है. हालांकि राहुल गांधी की जगह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे इस रैली में भाग ले सकते हैं.  
रिपब्लिक सूत्रों ने आगे बताया कि पश्चिम बंगाल कांग्रेस 2019 में गठबंधन में लड़ने के फैसले से खुश नहीं हैं और ना ही सत्ताधारी टीएमसी पार्टी ने कांग्रेस के स्थानीय नेता को रैली में बुलाया नहीं गया है. 

सूत्रों ने आगे बताया कि राज्य कांग्रेस इकाई ने कांग्रेस पार्टी को यह सलाह दी है कि वो बंगाल में आने वाले लोकसभा चुनाव में अकेले लड़ने के लिए तैयार हैं और उनसे रैली में नहीं आने के लिए भी कहा है.

कथित तौर पर बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि वो इस रैली में हिस्सा लेंगे या नहीं. 

इस बीच, भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ मेगा रैली में कई पार्टी नेताओं के भाग लेने की उम्मीद है, जिसमें पूर्व जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल भी शामिल हैं .वहीं  जनता दल-एस के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा इससे पहले अक्टूबर 2018 में, TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने मेगा इवेंट के लिए अपनी उपस्थिति की पुष्टि की थी.

मेगा रैली की घोषण करते हुए टीएमसी सुप्रीमो ने कहा था कि हमने एक हमने 19 जनवरी की ब्रिगेड सभा के लिए प्रचार अभियान समिति बनाई है. इसमें सभी विपक्षी दलों और नेताओं को आमंत्रित किया है. इस मकसद मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोलना है. हमें इस कार्यक्रम को आयोजित करने की अनुमति मिल गई है.  हमने सभी को आमंत्रित किया है क्योंकि हम किसी को छोटा नहीं मानते हैं.  हमने सभी को आमंत्रित किया है क्योंकि हम किसी को छोटा नहीं मानते हैं. 
 

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