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मंदसौर घटना को लेकर राहुल गांधी ने साधा BJP पर निशाना कहा - एबीवीपी के छात्र गुरू को धमकी दें, यह कैसा संस्कार है

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:


मध्यप्रदेश के मंदसौर  स्थित पीजी कॉलेज से एक शर्मनाक घटना सामने आई है.यहां भारत माता की जय नहीं कहने पर एक प्रोफेसर को छात्रों के पैर पकड़ कर माफी मांगनी पड़ी. वीडियो वायरल होने के बाद अब इस घटना में सियासत भी शुरु होने लगी है. 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रोफेसर द्वारा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेताओं का पैर छूने वाला वीडियो वायरल होने के बाद शनिवार को भाजपा पर निशाना और कहा कि गुरू को ब्रह्मा, विष्णु, महेश मानने वाले इस देश में एक शिक्षक को धमकी देना कौन सा संस्कार है. 

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, '(मध्यप्रदेश के) मंदसौर में सत्ताधारी पार्टी के छात्र नेताओं द्वारा एक गुरू का अपमान. गुरू ब्रह्मा गुरू विष्णु गुरू देवो महेश्वर मानने वाले देश में यह कौन सा ‘संस्कार’ है कि छात्र धमकी दें और गुरू उनके पाँव छुए। ज्ञान के साथ यह कैसा सलूक है?' गौरतलब है सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में एक शिक्षक एबीवीपी नेताओं के पैर छूते नजर आ रहे हैं.

दरअसल , बुधवार को एबीवीपी के नेतृत्व में बीएससी फोर्त सेम के छात्र परीक्षा परिणाम में हो रही देरी से परेशान होकर विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपती के नाम प्राचार्य को ज्ञापन देने के लिए पहुंचे थे. इस दौरान छात्रों और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की. जब नारेबाजी कर रहे छात्र नेता प्रोफेसर दिनेश गुप्ता की कक्षा के पास पहुचे तो प्रोफेसर ने मुताबिक उन्होंने पढ़ाई में व्यवधान होने पर नारेबाजी के लिऐ मना कर दिया.  बस फिर क्या था, छात्र नेताओं ने इस बात को मुद्दा बनाकर हंगामा खड़ा कर दिया और एबीवीपी के छात्र नेताओं का आरोप था कि प्रोफेसर गुप्ता ने उन्हें भारत माता की जय बोलने से मना कर दिया. लिहाजा, प्रोफेसर दिनेश गुप्ता के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए और प्रोफेसर से माफी मंगवाने के लिए दबाव डालने लगे. 

इधर मामले के तूल पकड़ने के बाद छात्र नेताओं के दबाव के बाद प्रोफेसर को इतनी ठेस पहुंची कि वे अपने ही छात्रों के पैर पकड़ने लगे. इस नजारे को देख प्रोफेसर गुप्ता के दूसरे साथी प्रोफेसर भी मौके पर पहुंच गए और किसी तरह से प्रोफेसर गुप्ता को संभाला.

प्रोफेसर दिनेश गुप्ता ने कहा कि वे अपनी कक्षा मे छात्रों को गंभीर विषय पर पढ़ा रहे थे.  छात्रो की इस तरह की नारेबाजी से पढ़ाई मे व्यवधान हुआ तो बाहर निकलकर नारेबाजी करने से मना कर दिया ना की भारत माता की जय ओर वंदेमातरम् बोलने से.  उन्होंने ये भी कहा कि वे छात्रों से ज्यादा राष्ट्रवादी हैं और हजार बार भारत माता की जय बोलेंगे. लेकिन छात्रों के कहने और दबाव में आकर नहीं कहने वाले. 

वहीं इस घटना के बाद एबीवीपी के छात्रों ने प्रोफेसर दिनेश गुप्ता को ही दोषी ठहराया, और कहा प्रोफेसर दिनेश गुप्ता का माइन्ड डिस्टर्ब होना बता दिया. इधर इस घटना के बाद प्रोफेसर  दिनेश गुप्ता सदमें में है. जबकि इस घटना की पूरे प्रदेश मे कड़ी निन्दा हो रही है. 

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