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राफेल डील पर SC के फैसले के बाद राहुल गांधी ने उठाया सवाल, ''इंस्टीट्यूशन की धज्जियां उड़ गई हैं''

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के समझौते की न्यायालय की निगरानी में जांच के लिए दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को फैसला सुना दिया है. राफेल डील मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में शुक्रवार को केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को क्लीन चिट दे दी. लेकिन इस बीच राहुल गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और अनिल अंबानी के खिलाफ खूब जहर उगला.

राहुल गांधी ने क्या कहा पूरा हिस्सा पढ़िए..

राहुल गांधी: 

नमस्कार,,

हम बार-बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं मगर प्रधानमंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करते हैं. अपने आप को जो देश की मीडिया है उनके सामने हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री एक्सपोज नहीं होना चाहते हैं. काफी समय से हम राफेल हवाई जहाज की डील में भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं. और ये नया किस्सा नहीं है, एक दो सालों से ये बातचीत चल रही है. हमारे 3-4 सवाल हैं.

एक सवाल है कि 526 करोड़ रुपए के हवाई जहाज को 1600 करोड़ रुपए में क्यों खरीदा गया?

दूसरा सवाल है हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से कॉन्ट्रैक्ट छीनकर अनिल अंबानी को कैसे दिया गया?

30000 रुपए का ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट अनिल अंबानी को क्यों मिला?

HAL बैंगलोर के पास जमीन है, रेप्युटेशन है, हिंदुस्तान के युवाओं से रोजगार क्यों लिया? 

उसके बाद हिंदुस्तान में रोजगार की कमी है आपने फ्रांस की सरकार से कहा कि आप भईया फ्रांस में हवाई जहाज बनाइए और 36 हवाई जहाज की जरूरत है.

रक्षा मंत्री ने पीएम मोदी जी के फ्रांस दौरे और राफेल पर कह दिया कि मुझे कुछ नहीं मालूम है. प्रधानमंत्री जी को मालूम है कि फ्रांस में क्या हुआ. फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति होलैंड कहते हैं कि नरेंद्र मोदी ने डायरेक्ट हमें ऑर्डर दिया है.

पीएम मोदी ने सीधा बोला है भईया अनिल अंबानी को देना है 36 हवाई जहाज खरीदने हैं और फ्रांस में बनेगा.

मोदी ने ऑर्डर दिया है. कि अनिल अंबानी को कॉन्ट्रैक्ट देना है

सीतारमण... पहले कहती है हां हम पार्लियामेंट में प्राइज रखेंगे.. फिर कहती हैं. प्राइज सीक्रेट है. हिंदुस्तान के टैक्सपेयर का पैसा है प्राइज सीक्रेट कैसे हो सकता है. 

उसके बाद प्राइज साफ निकलती है.. 1600 करोड़ रुपए...दसॉल्ट को दिया गया.

प्रधानमंत्री बोलते नहीं.  जेटली जी बोलते हैं.. निर्मला सीतारमण जी बोलती हैं.

आज सुप्रीम कोर्ट जजमेंट देती है... जो राफेल के कीमत की डीटेल है उनको नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) में लिखा गया है. वो रिपोर्ट पब्लिक अकाउंट कमिटी (PAC) जो पार्लियामेंट कमेटी है उसके सामने पेश किया गया है.

खाड़गे जी पब्लिक अकाउंट कमिटी के चेयरमैन हैं पार्लियामेंट में... आप लोग उनसे पूछ लीजिए कि CAG रिपोर्ट PAC में आई या नहीं.

इन्होंने CAG रिपोर्ट जिंदगी में देखी है या नहीं पूछ लीजिए हां या ना. 

इसके बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने बोलना शुरू किया...

''देखिए एक तो CAG के पास में उनका कोई कमेंट नहीं है. CAG के जो पैरा होते हैं वो पब्लिक अकाउंट कमिटी को रेफर करते हैं. इसके बारे में ना CAG को पता है. आज मैंने डिप्टी CAG को बुलाकर पूछा कि ये कैसे आ गया. क्या कोई मेरा फर्जी सिग्नेचर किया क्या ?''

''जब मैंने पार्लियामेंट में पेश नहीं किया तो ये रिपोर्ट आया कहां से, किसने दिया. और कानून ये कहता है कि जबतक वो रिपोर्ट पार्लियामेंट को पेश नहीं किया जाएगा तबतक किसी को भी उसके बारे में बोलने का अधिकार नहीं है.''

''ये कैसे हुआ. अजब-गजब चीज है. ये असत्य है.''

इसके बाद राहुल गांधी ने एक बार फिर बोलना शुरू किया..

मुझे ये नहीं समझ आ रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट में ये लिखा गया.  जो उनका बेसिक फाउंडेशन है उसमें ये सवाल कैसे उठता है. 

PAC के चेयरमैन के CAG रिपोर्ट नहीं दिखी, प्राइजिंग नहीं पता चली. लेकिन सुप्रीम कोर्ट को कैसे दिख गई ये बात मुझे समझ नहीं आ रही है. 

जब कोई झूठ बोलता है तो कहीं न कहीं निकलता है, अब सरकार को हमें समझाना है कि CAG रिपोर्ट ये कहां है? हमें दिखा दें.. PAC के चेयरमैन खड़गे जी को भी दिखा दें. 

या कोई और PAC चल रही है. किसी और पार्लियामेंट में चल रही है. फ्रांस के संसद में चल रही है. मुझे नहीं पता... ये हो सकता है. 21वीं सदी में हो सकता है. कि मोदी जी ने अपनी PAC बिठा रखी है PMO में... 

इंस्टीट्यूशन की धज्जियां उड़ गई हैं. मुझे समझ नहीं आ रहा है कि क्या हो रहा है यहां. 

इस दौरान आक्रामक अंदाज में पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा..

''30 हजार करोड़ रूपए की चोरी हुई है. किसानों याद रखिए छत्तीसगढ़ राजस्थान और मध्यप्रदेश में आपका कर्जा माफ होने जा रहा है. ये जो पैसा लिया है इन चोरों ने ये आपका लिया है. और किसी का नहीं लिया है. और इन बातों में कोई नहीं फंसने वाला है. पूरा हिंदुस्तान समझता है कि चौकीदार चोर है. सीधी बात है और हम इसको साबित करके दिखाएंगे कि हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री अनिल अंबानी का दोस्त है और अनिल अंबानी को उसने चोरी कराई है. बोलिए जितना बोलना है. मोदी जी आप जितना छिपना चाहते हैं छिप जाइए. आप जितना भागना चाहते हैं भाग जाइए आप नहीं बच सकते.. जिस दिन इसपर इनक्वाइरी हो गई. जिस दिन राफेल मामले की जांच हो गई. जिस दिन हो गई दो नाम निकलेंगे. नरेंद्र मोदी-अनिल अंबानी... अनिल अंबानी-नरेंद्र मोदी''

गौरतलब है कि अपने फैसले में कोर्ट ने ये भी कहा  कि देश के लिए लड़ाकू विमान जरूरी हैं और उसके बगैर काम नहीं चलेगा.

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