Elections 2018


Politics

क्रिश्चियन मिशल पर राहुल गांधी ने झाड़ा पल्ला, PM मोदी से राफेल पर फिर किया सवाल

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले के मामले में क्रिश्चियन मिशेल को मंगलवार की रात भारत लाया जा चुका है. कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मसले पर अपनी पहली टिप्पणी की है. हालांकि राहुल से जब इस मामले पर सवाल पूछा गया तो वो सवालों से अपना पल्ला झाड़ते नज़र आएं. राहुल गांधी ने इससे संबंधित सवाल पूछने पर गोल-मोल जवाब देने लगे.

राहुल गांधी अगस्ता वेस्टलैंड केस पर कुछ भी बोलने से बचते हुए कहा, ''इस मामले में कांग्रेस पार्टी ने अपना स्टैंड बहुत ही साफ रखा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ये बताना चाहिए कि उन्होंने आखिर अनिल अंबानी को राफेल पर 30 हजार करोड़ रूपए क्यों दिया ?''

हर बार की तरह इस बार भी राहुल गांधी ने खुद जवाब देने के बजाय राफेल का मुद्दा उठा दिया. लेकिन ऐसे जवाब से राहुल गांधी पर सवाल खड़े होने लाजमी हैं. हर किसी के जहन में एक ही सवाल पनप रहा है कि आखिर क्यों हर सवाल को राहुल गांधी राफेल से जोड़ देते हैं. राहुल गांधी क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यार्पण मामले पर कुछ भी कहने से बचते दिखे.

बता दें, इससे पहले अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल को भारत प्रत्यर्पित किए जाने की पृष्ठभूमि में सरकार के हमलों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार अपने ‘भ्रष्टाचार’ की सच्चाई बताने की बजाय अगस्ता मामले में ‘फर्जी’ साक्ष्य गढ़ने में लगी हुई है.

बुधवार को ही कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान में कहा, ‘‘अगस्ता मामले में भारतीय जनता पार्टी सिर्फ गुमराह करने और कींचड़ उछालने का काम कर रही है. वो अपने भ्रष्टाचार की सच्चाई बताने की बजाय इस मामले में फर्जी साक्ष्य गढ़ने में लगी हुई है.’’ 

बता दें, आज क्रिश्चियन मिशेल को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया. जिसके बाद सीबीआई ने क्रिश्चियन मिशेल को 5 दिनों के हिरासत में लिया. सुनवाई के दौरान मिशेल के वकील ने पुलिस हिरासत का विरोध किया था. कोर्ट ने मिशेल को हर दिन एक घंटे तक अपने वकील से मिलने के लिए अनुमति दी है. मिशेल के वकील ने कहा वो भारतीय कानून से अवगत नहीं है इसलिए मैं उससे मिलना चाहता हूं.

गौरतलब है कि इस मामले में क्रिश्चियन मिशेल को मंगलवार की रात भारत लाया गया था. इसे एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है. रात के करीब 10:44 बजे क्रिश्चियन मिशेल को भारत लाने वाली विमान दुबई से आकर दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी था. 

बता दें, अगस्ता वेस्टलैंड या चॉपर गेट स्कैम की नींव साल 1999 में हुई थी. जब इंडियन एयर फोर्स ने भारत के VVIP लोगों के लिए पहले 8 हेलीकॉप्टर जो बाद में 12 हो गए थे उसे भारत में लाने की मांग की थी. साल 2010 में 12 हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए अगस्ता वेस्टलैंड के साथ डील हुई थी. हेलीकॉप्टर सौदे में करोड़ों रुपए की दलाली का आरोप लगा है. बता दें, बाद में इस सौदे को भारत की तरफ से रद्द कर दिया था.

रक्षा क्षेत्र से जुड़ी इटली की एक कंपनी जिसका नाम फिनमैकेनिका है बता दें, इसी की सहयोगी कंपनी है अगस्ता वेस्टलैंड. गौरतलब है कि साल 2013 में फिनमैकेनिका और अगस्ता वेस्टलैंड के CEO की गिरफ्तारी हुई थी. इनपर आरोप लगा था कि इन्होंने इस सौदे में घूस दी थी.

जानकारी के मुताबिक राजधानी दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में सीबीआई मामले देखने वाले विशेष जज ने 24 सितंबर 2015 को मिशेल के ख़िलाफ ग़ैर ज़मानती गिरफ़्तारी वारंट जारी किया था. इस वारंट के आधार पर इंटरपोल ने उनके ख़िलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था और फरवरी 2017 में उन्हें दुबई में गिरफ़्तार कर लिया गया.

Below Article Thumbnails
DO NOT MISS