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PM मोदी का करारा वार, ''जितना काम हमने किया पुरानी सरकार को करना होता तो 25 साल लग जाते''

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

साल 2019 का चुनाव नजदीक है ऐसे में भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाने का सिलसिला शुरू कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ओडिशा 1500 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और उद्घाटन किया. ऐसे में पीएम मोदी ने बलांगीर में एक जनसभा को संबोधित किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा के झारसुगुडा में प्रधानमंत्री ने मल्टी मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) और अन्य विकास परियोजनाओं की शुरुआत की. इसके अलावा उन्होंने बलांगीर और बिचुपली के बीच एक नई रेलवे लाइन का भी शुभारंभ किया.

पीएम मोदी इसके बाद केरल में कई परियोजनाओं की भी शुरुआत करेंगे. इन परियोजनाओं में एक रेलवे लाइन और एक राजमार्ग बाईपास परियोजना भी शामिल है.

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक प्रधानमंत्री मोदी के आधिकारिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया. पटनायक राज्य सरकार के ‘कृषि ओडिशा’ कार्यक्रम में व्यस्त रहने की वजह से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया. 

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछली सरकारों पर करारा हमला किया. अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा, ''त्योहारों के इस पावन अवसर पर आप सब ओडिशा वासियों और देश के सभी नागरिकों को अनेक-अनेक शुभ कामनाएं''

PM मोदी ने कहा कि ओडिशा तो वैसे ही हर प्रकार पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है. बीतें चार वर्षों से केंद्र सरकार धरोहरों और आस्था के स्थलों को विकसित करने में जुटी हुई है. आज केंद्रपाड़ा, पुरी, जगतसिंह, बरगढ़, कंधमाल और बलांगीर में नए पासपोर्ट सेवा केंद्रों की शरुआत हुई है. अब यहां के लोगों को पासपोर्ट के लिए बहुत दूर जाने की जरुरत नहीं है

उन्होंने कहा, ''ये पावन पवित्र महीना सूर्य देव की उपासना का महीना है और ओडिशा तो साक्षात सूर्य देव की ही धरती है. कोणार्क से निकली रोशनी पूरे भारत को सदियों से रोशन करती रही है.'' PM ने बताया कि इस पवित्र अवसर पर थोड़ी देर पहले ओडिशा से विकास से जुडी 1500 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और उद्घाटन आज हुआ है.

पीएम मोदी ने कहा कि ओडिशा के हर जिले में आस्था के ऐसे महत्वपूर्ण स्थल हैं जो हमारी सांस्कृतिक संपदा के प्रतीक हैं. दुनिया की सबसे पुरातन सभ्यताओं में से एक हमारी सभ्यता की पहचान हैं. हमारे पूर्वजों के कौशल के प्रमाण हैं. ओडिशा के ऐसे अनेक मंदिरों के नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण का बीड़ा हमारी सरकार ने उठाया है.

उन्होंने कहा, ''भारत की पुरातन पहचान को आधुनिकता के संगम के साथ और प्रखर करने के लिए केंद्र सरकार संकल्पबद्ध है. राष्ट्र के गौरव को सर्वोपरि रखने की कटिबद्धता का ही परिणाम है कि भारत के मंदिरों सहित दूसरी जगहों से लूटी या चुराई गई, पुरानी मूर्तियों को भारत लाने का प्रयास लगातार चल रहा है.''

PM ने कहा कि साथियों, इस संपदा का भान सिर्फ मोदी को हुआ, ऐसा नहीं है. पहले की सरकारों को भी इस गौरवशाली अतीत का पता था. तब भी इन स्थानों को संवारने की मांग उठती थी. अंतर सिर्फ संवेदना का था, समग्रता के साथ सोचने वालों की कमी का था.

विपक्ष को आड़े हाथ लेने हुए प्रधानमंत्री ने योग दिवस का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, जिसे पूरी दुनिया मनाती है उसका भी विरोध वो करते हैं. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का गौरव मोदी का नहीं है, ये तो हमारे गौरवशाली अतीत और हमारे ऋषियों और मनीषियों की सौंपी विरासत है, जिसको आज दुनिया मान रही है.

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वहीं स्टैचू ऑफ लिबर्टी की उपलब्धि गिनाते हुए उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा. मोदी ने कहा, टटजिन्होंने सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का विरोध किया, उनकी तो भी उनकी नींद हराम हो गई.. टूरिज्म जैसे सेक्टर की अनमोलता का आभास उनको नहीं है. स्टैचू ऑफ लिबर्टी से वहां के लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए.''

उन्होंने कहा कि भाईयों-बहनों,.. रोजगार के अवसर तब और होते हैं जब कनेक्टविटी बढ़ती है. हवाई यातायात के अलावा बीते साढ़े 4 वर्षों में ओडिशा में रेलवे के विकास के लिए ही 20,000 करोड़ रुपए से अधिक का बजट आवंटित किया गया. ये पुरानी सरकार की तुलना में 5 गुना अधिक है. जितना काम हमने किया पुरानी सरकार को करना होता तो 25 साल लग जाते. रेल पटरी तीन गुना तेजी से बिछाई जा रही है.

पीएम ने कहा, ''केंद्र की भाजपा सरकार निरंतर इस बात की कोशिश कर रही है कि व्यवस्था से हर उस कमी को दूर किया जाए, जो गरीबों का अधिकार छीनने में मददगार बनती हों''

उन्होंने कहा कि जब हम सबका साथ, सबका विकास की बात करते हैं तो हमारे आदिवासी अंचलों में रहने वाले बहन-भाइयों पर विशेष ध्यान हैं. आपके संरक्षण के कारण ही आज भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर का इतने व्यापक निर्माण हो पा रहा है.

बता दें, पीएम ने 1,085 करोड़ रुपए की लागत से पूरी हुई 813 किलोमीटर की झारसुगुड़ा- विजयनगरम और सम्भलपुर-अंगुल लाइनों का विद्युतीकरण राष्ट्र को समर्पित किया.

मेादी ने बरपाली-डुंगरीपाली के 14.2 किलोमीटर और 17.354 किलोमीटर की बलांगीर-देवगांव रेलवे लाइनों के दोहरीकरण का उद्घाटन किया. यह 181.54 किलोमीटर की संबलपुर-टिटलागढ़ रेल पटरी के दोहरीकरण की परियोजना का हिस्सा है.
 

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