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सामान्य वर्ग के आरक्षण पर संसद की मुहर, पीएम मोदी बोले- ये सामाजिक न्याय की जीत है..

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान वाले ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को बुधवार को संसद की मंजूरी मिल गयी. 

जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह सहित अन्य दिग्गज नेताओं ने संसद के दोनों सदनों को धन्यवाद दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा से बिल पास होने के बाद लिखा कि संविधान (124 वां संशोधन), 2019 विधेयक संसद के दोनों सदनों द्वारा पास होने सामाजिक न्याय की जीत है.  यह हमारे युवा शक्ति के लिए एक व्यापक कैनवास सुनिश्चित करता है ताकि वे अपने कौशल का प्रदर्शन कर सकें और भारत के परिवर्तन में योगदान कर सकें..

वहीं बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अमित शाह ने लिखा कि लोक-कल्याण का निरंतर प्रयास है, जन-जन का साफ नीयत में विश्वास है,चरितार्थ होता 'सबका साथ-सबका विकास' है.

राज्यसभा ने करीब 10 घंटे तक चली बैठक के बाद संविधान (124 वां संशोधन), 2019 विधेयक को सात के मुकाबले 165 मतों से मंजूरी दे दी. इससे पहले सदन ने विपक्ष द्वारा लाए गए संशोधनों को मत विभाजन के बाद नामंजूर कर दिया. लोकसभा ने इस विधेयक को कल ही मंजूरी दी थी जहां मतदान में तीन सदस्यों ने इसके विरोध में मत दिया था.

उच्च सदन में विपक्ष सहित लगभग सभी दलों ने इस विधेयक का समर्थन किया. कुछ विपक्षी दलों ने इस विधेयक को लोकसभा चुनाव से कुछ पहले लाये जाने को लेकर सरकार की मंशा तथा इस विधेयक के न्यायिक समीक्षा में टिक पाने को लेकर आशंका जतायी. हालांकि सरकार ने दावा किया कि कानून बनने के बाद यह न्यायिक समीक्षा की अग्निपरीक्षा में भी खरा उतरेगा क्योंकि इसे संविधान संशोधन के जरिये लाया गया है.

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए इसे सरकार का एक ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों से यह पूछा कि जब उन्होंने सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर आरक्षण दिये जाने का अपने घोषणापत्र में वादा किया था तो वह वादा किस आधार पर किया गया था. क्या उन्हें यह नहीं मालूम था कि ऐसे किसी कदम को अदालत में चुनौती दी जा सकती है.

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