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राजस्थान में फिर बढ़ी सियासी हलचल; सचिन पायलट के समर्थकों ने सीएम गहलोत से जताई नाराजगी

दरअसल सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर अशोक गहलोत गुट और सचिन पायलट गुट एक बार फिर सामने आ खड़े हुए हैं।


जितिन प्रसाद की बीजेपी में एंट्री के बाद सचिन पायलट को लेकर अटकलें तेज हो गई है। सचिन पायलट और उनके समर्थक कांग्रेस हाईकमान और राज्य नेतृत्व पर उसी तरह के सवाल उठा रहे हैं जैसा की जितिन प्रसाद ने उठाए थे। तो क्या सचिन पायलट भी बगावती तेवर अख्तियार करेंगे? ये तो अभी सवाल है, लेकिन माना जा रहा है 11 जून को राजेश पायलट के पुण्यतिथि के मौके पर होने वाले समारोह में सचिन पायलट अपनी ताकत दिखा सकते है। तो क्या एक साल पुरानी कहानी फिर दोहराई जाएगी जब गहलोत सरकार के सामने बहुमत का संकट खड़ा हो गया था। सचिन पायलट के खेमे का दावा है कि गहलोत खेमे के असंतुष्ट विधायक भी उनके साथ आ सकते है।

दरअसल सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर अशोक गहलोत गुट और सचिन पायलट गुट एक बार फिर सामने आ खड़े हुए हैं। सचिन पायलट के खेमे का आरोप है कि कलह के समाधान के लिए बनाई गई कमेटी उनकी बात नहीं सुन रही है।

वेद प्रकाश सोलंकी जो सचिन समर्थक विधायक हैं उन्होंने कहा कि, 'कमेटी ने न तो दोबारा बुलाकर हमारी कोई चीज सुनी। अहमद पटेल जी से भी उसी दिन बात हो पाई थी। उसके बाद माकन साहब से जरूर हम मिले थे। उनकी तरफ से कभी कोई बुलावा नहीं मिला। सभी विधायकों को वन टू वन मिले हो ऐसा कभी नहीं हुआ।'

दरअसल राज्य में सुलह के फॉर्मूले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व ने जो कमेटी बनाई थी। वो 10 महीने बाद भी किसी नतीजे पर पहुंच नहीं पाई है। यही वजह है कि सचिन गुट ने एक बार फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है।

गहलोत और सचिन पायलट के बीच जारी खींचतान का असर प्रेदश कांग्रेस पर दिखने लगा है। खबरों के मुताबिक पायलट ने दिल्ली में बैठे कांग्रेस के बड़े नेताओं को एक महीने का अल्टीमेटम दिया है। इस बीच आज वो अपने 18 समर्थक विधायकों से मुलाकात कर सकते है।

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