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जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस- PDP और NC ने मिलाया हाथ, राज्यपाल को भेजा समर्थन पत्र

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

जम्मू कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की तैयारी में है. नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेंका) उसे बाहर से समर्थन दे सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार , जम्मू कश्मीर सरकार बनाने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस तथा पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और कांग्रेस एक साथ आ गए है. पीडीपी ने NC,कांग्रेस के साथ सरकार बनाने के लिए राज्पाल के पास दावा  पेश किया ​​​​​​. 

पीडीपी नेता अल्फता बुखारी के अनुसार पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस जम्मू कश्मीर में सरकार गठित करने के उद्देश्य से हाथ मिलाने को तैयार हो गए हैं.उन्होंने कहा कि 87 सदस्यीय सदन में 60 विधायक प्रस्तावित गठबंधन करने को तैयार हो गये हैं.

बता दें , बुधवार को इस संबंध में नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला के साथ हुए बैठक के बाद सीएम पद के लिए सैयद बुखारी के नाम पर सहमति बनी है. 

बुधवार को बुखारी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘नेताओं ने एक गठबंधन बनाने पर सहमति जतायी है. पीडीपी, नेकां, कांग्रेस नेतृत्व स्तर पर राजी हो गए हैं. गठबंधन की रूपरेखा क्या होगी, इसकी जानकारी अभी विधायकों तक नहीं आ पाई है और मुझे बस इतना ही बताया गया है.’’ पीडीपी नेता बुखारी ने इससे पहले दिन में नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि उनके बीच गठबंधन को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई. उन्होंने कहा, ‘‘हम मुलाकात करते रहते हैं. मैंने गठबंधन को लेकर कोई बात नहीं की किन्तु आमतौर पर हम सभी मिलते हैं.’’

 

बुखारी ने इस बात से इंकार किया कि उन्होंने सरकार गठन के सिलसिले में पीडीपी विधायकों की एक बैठक बुलायी है. यह पूछे जाने पर कि क्या वह मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं, बुखारी ने कहा, ‘‘इस तरह की कोई चीज नहीं है. नेताओं में से ही कोई मुख्यमंत्री बनेगा. यह मुद्दा मुख्यमंत्री बनने के बारे में नहीं है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह गठबंधन कश्मीर मुद्दे, कश्मीर की स्थिति, भारत के संविधान के तहत राज्य को मिली विशेष पहचान को संरक्षित रखने से संबंधित है.’’

 

पीडीपी नेता ने कहा, ‘‘निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में हमें लोगों की आकांक्षाओं और उभरती परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया देना होता है. अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35-ए पर हमले हो रहे हैं. यह गठबंधन सत्ता में आने के लिए नहीं है.’’ यह पूछे जाने पर कि गठबंधन की औपचारिक घोषणा कब की जाएगी, उन्होंने कहा, ‘‘इसकी बहुत जल्द घोषणा की जानी चाहिए. ईद मिलाद उन नबी के मद्देनजर आज के लिए कोई योजना नहीं बनायी गयी है.’’


घाटी में राज्यपाल शासन लागू होने के करीब 6 महीने हो गए है. जून में जम्मू कश्मीर में आएक सियासी संकट के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तत्तकाल प्रभाव से जम्मू - कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू करने को मंजूरी दे दी थी. 19 दिसंबर को राज्यपाल शासन के छह महीने पूरे हो जाएंगे . नियमों के अनुसार , इसे दोबारा नहीं बढ़ाया जा सकता. इसके बाद सूबे में राष्ट्रपती शासन लगाया जा सकता है. लेकिन उसके लिए विधानसभा भंग करनी होगी. 


याद दिला दें कि भारतीय जनता पार्टी ने महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी से गठबंधन तोड़ सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था. जिसके बाद वहां सियासी संकट पैदा हो गए थे. 

 

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