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सवर्ण आरक्षण बिल का इम्तिहान - लोकसभा की मंजूरी, आज राज्यसभा में अग्निपरीक्षा

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

आर्थिक रूप से पिछड़े तबकों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदम का लगभग सभी पार्टियों ने समर्थन किया है. विधेयक लोकसभा में 323 मतों के साथ पास हो गया. इसके विरोध में 3 वोट पड़े .वहीं बुधवार को यह विधेयक राज्यसभा में पेश किए जाने की संभावना है जहां सरकार के पास बहुमत नहीं . ऐसे में सरकार के लिए यह अग्निपरीक्षा से कम नहीं. 

आज यह बिल राज्यसभा में चर्चा के लिए 2 बजे रखा जाएगा. यूं तो सरकार को बहुमत नहीं है. लेकिन दावा किया रहा है कि राज्यसभा में इस बिल को समर्थन मिल जाएगी. अपर हाउस में एनडीए सरकार बहुमत से दूर है, हालांकि समाजवादी पार्टी , बहुजन समाजवादी पार्टी , बहुजन समाज पार्टी समेत अन्य विपक्षी पार्टियों ने लोकसभा में जिस तरह इस बिल का समर्थन किया है. उससे लगता है कि सरकार के लिए ये बिल राज्यसभा में आसानी से पास हो जाएगा.

बता दें राज्यसभा में कुल सदस्यों की संख्या की संख्या 245 है, जिसमें 4 सदस्य नामित हैं. वैसे, तो राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की ताकत बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद बिल पास कराने के लिए विपक्ष के सहयोग की जरुर पड़ेगी. 

राज्यसभा में संख्या बल पर गोर करें तो एनडीए के पास 97 सदस्य हैं. जिसमें बीजेपी के 73 , जेडीयू के 6 , 5 निर्दलीय , वहीं शिवसेना और अकाली दल के तीन तीन सदस्य, बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट के 1, एसडीएफ 1 सीट , नगा पीपल्स फ्रंट के 1 , आरपीआई के 1 सांसद शामिल हैं. 


जबकि विपक्ष का पलड़ा संख्या बल के मामले में सरकार पर भारी है. मौजूदा परिस्थिति में विपक्ष के पास 115 सांसद हैं, जिसमें कांग्रेस के 50 , टीएणसी के 13, समाजवादी पार्टी के 13 , टीडीपी के 6 , आरजेडी के 5, सीपीएम के 5, डीएमके के 4 , बीएसपी के 4,  एनसीपी के 4, आम आदमी पार्टी के 3, सीपी आई के 2 , जेडीएस के 1 , केरल कांग्रेस के 1 , आईएनएलडी के 1 , आईयूएसएल के 1, 1 निर्दलीय और 1 नामित सदस्य शामिल हैं.

मंगलवार को लोकसभा में 5 घंटे से भी अधिक की बहस के बाद लोकसभा में संविधान संशोधन बिल पास हुआ. बहस में वित्त मंत्री अरुण जेटली , AIMIM असदुद्दीन ओवैसी , एम. थंबीदूरई समेत कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया. बहस के बाद हुए वोटिंग में कुल 326 सांसदों ने हिस्सा लिया , इसमें 323 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 3 लोगों ने विपक्ष में वोट किया. ऐसे में यह तय हो गया है कि अब तक जाति के आधार पर आरक्षण दिया जाता था अब आर्थिक आधार पर पर आरक्षण दिया जाएगा.

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