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जनसंख्या विस्फोट पर रामदेव की टिप्पणी को लेकर बरसे ओवैसी, पूछा- उनके बयान पर बेवजह ध्यान क्यों?

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को योग गुरू बाबा रामदेव पर उनकी जनसंख्या संबंधी टिप्पणी को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की।

रामदेव ने रविवार को कहा था कि देश जनसंख्या विस्फोट की स्थिति से निपटने के लिए तैयार नहीं है। साथ ही उन्होंने तीसरी संतान को मतदान के अधिकार और सरकारी नौकरियों से वंचित करने का सुझाव भी दिया था।

ओवैसी ने ट्वीट किया, ‘‘लोगों को असंवैधानिक बातें कहने से रोकने के लिए कोई स्पष्ट कानून नहीं है लेकिन रामदेव के विचारों पर बेवजह ध्यान क्यों दिया जाता है ?’’ 

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उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘वह योग कर सकते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि नरेन्द्र मोदी सिर्फ इसलिए अपना मताधिकार खो देंगे क्योंकि वह तीसरी संतान हैं।’’ 

ओवैसी हाल के लोकसभा चुनाव में हैदराबाद संसदीय सीट से फिर से चुनाव जीत गये हैं।

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योग गुरु रामदेव ने रविवार को कहा था कि भारत अपने जनसंख्या विस्फोट से निपटने के लिए तैयार नहीं है।  हरिद्वार में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रामदेव ने कहा था कि देश की आबादी को 150 करोड़ से अधिक नहीं होने दिया जाना चाहिए।

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उन्होंने सलाह दी थी ‘‘ यह तभी संभव है जब हम तीसरी संतान या इसके बाद वाली संतानों को मताधिकार से वंचित करने वाला कानून लागू करेंगे। ऐसे बच्चों को चुनाव लड़ने और अन्य सरकारी नौकरियों के अधिकार से भी वंचित किया जाना चाहिए।’’ 
 

 

 

 

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