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अरुण जेटली ने विपक्षी दलों को प्रधानमंत्री के भाषण का जवाब देने की चुनौती दी

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

नयी दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस समेत विपक्षी दलों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में दिये गए तथ्यों का जवाब देने की चुनौती दी। जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री के जवाब ने झूठी चर्चाओं और नारों को ध्वस्त कर दिया।

जेटली ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में दिया गया जवाब सरकार के पांच वर्षों के काम का "रिपोर्ट कार्ड" है।

जेटली ने कहा, "क्या कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता प्रधानमंत्री के भाषण में दिये गए तथ्यों का जवाब देंगे या फिर केवल नारों और झूठ का सहारा लेते रहेंगे। सत्य में अंतर्निहित शक्ति होती है। यह झूठी चर्चाओं को आसानी से ध्वस्त कर देता है। प्रधानमंत्री ने भी आज यही किया।" 

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने राफेल मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वायुसेना को मजबूत नहीं होने देना चाहती।

बता दें पीएम मोदी ने संसद में कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि उनकी सरकार को 55 महीनों में आवास, सिंचाई, रक्षा, स्वच्छता आदि क्षेत्रों में वे काम करने पड़े जो आजादी के बाद अगले दो दशकों में हो जाने चाहिए थे। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसा कि देश में आपातकाल लगाने वाले, चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त करने वाले, न्यायपालिका, सेना व जांच एजेंसी का अपमान करने वालों के मुंह से उनके :मोदी: ऊपर संस्थानों को खत्म करने के आरोप शोभा नहीं देते हैं।

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए बृहस्पतिवार को मोदी ने आम चुनाव से पहले विपक्षी दलों के महागठबंधन के प्रयासों को ‘महामिलावट’ की संज्ञा दी। मोदी ने कहा कि देश ने यह महामिलावट 30 साल देखी है। स्वस्थ समाज महामिलावट से दूर रहता है और मजबूत लोकतंत्र में भरोसा करता है। ‘‘ महामिलावट अब चलने वाली नहीं है। देशवासी जनता के प्रति समर्पित सरकार चाहते हैं । ’’

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस की विभिन्न सरकारों के शासनकाल के 55 साल सत्ताभोग वाले थे जबकि भाजपा की सरकार के 55 महीने सेवाभाव वाले साल रहे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की पहचान पारदर्शिता, ईमानदारी तथा भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने, जनता के लिये तेज गति से काम करने के रूप में बनी है। उन्होंने उज्ज्वला, सौभाग्य योजना, मुद्रा योजना, स्टार्ट अप इंडिया आदि विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका लक्ष्य देश की गरीब जनता का स्तर ऊंचा उठाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण के लिए कानून बनाया। उन्होंने इस विधेयक का समर्थन देने के लिए सभी राजनीतिक दलों का आभार जताया।

( इनपुट - भाषा से भी )

 

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