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"भगवा रंग में रंगने' को बेकरार MNS! शिवेसना-कांग्रेस-NCP के खिलाफ BJP से हाथ मिला सकते हैं राज ठाकरे

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

शिवसेना के कांग्रेस और राकांपा से हाथ मिलाने के बाद, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने हिंदुत्व विचारधारा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के करीब जाने की योजना बनाई। मनसे भी अपना झंडा बदलकर भगवा बनाने की पूरी योजना बना रही है।

एमएनएस नेता बाला नंदगांवकर ने पुष्टि की है कि एमएनएस भविष्य में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के खिलाफ बीजेपी से हाथ मिलाना चाह सकती है। MNS का यह फैसला शिवसेना पर एक जवाबी हमले के रूप में आया है, जिसने हिंदुत्व पर हाल ही में एक नरम रुख अपनाया है - जिसमें 'सेक्युलर' शब्द शामिल है, एनसीपी और शिवसेना के साथ अपने साझा न्यूनतम कार्यक्रम को सबसे ऊपर रखा है।

मनसे के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, राज ठाकरे 23 जनवरी को शिवसेना के संस्थापक और मनसे प्रमुख के संरक्षक बाल ठाकरे की जयंती पर इस बारे में घोषणा कर सकते हैं। वह पार्टी के नए झंडे का अनावरण करने की घोषणा भी कर सकते हैं।

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वर्तमान मनसे के झंडे के तीन रंग हैं - केसरिया, हरा और नीला। पुराने झंडे की छवि को पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल @mnsadhikrut से पहले ही हटा दिया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, पालघर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनसे नेता राज ठाकरे की तस्वीर के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य स्थानीय नेताओं के साथ एक बैनर लगाया है। कथित तौर पर बैनर को पालघर में आगामी जिला परिषद चुनाव के लिए एक अभियान के हिस्से के रूप में रखा गया है, जो इस ओर इशारा कर रहे हैं कि भाजपा स्थानीय निकाय चुनावों में राज ठाकरे के मनसे के साथ सहयोगी हो सकती है।

यह सबकुछ ऐसे समय पर हो रहा है जब हाल ही में शिवसेना और भाजपा के गठबंधन पूर्णविराम लग चूका है। सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सेना के साथ भाजपा नेता आशीष शेलार ने राज ठाकरे से मुलाकात की थी। इससे पहले शनिवार को, सूत्रों ने बताया था कि राज ठाकरे को 23 जनवरी को शिवसेना द्वारा खाली किए गए कट्टर हिंदुत्ववादी वैचारिक स्थान को अपनाने की उम्मीद है।