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मायावती की कांग्रेस को धमकी, 'अगर नहीं हुए केस वापस, तो राजस्थान-MP में वापस ले लेंगे समर्थन"

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

मध्यप्रदेश और राजस्थान में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को समर्थन देने वाली बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस के सामने अब नई शर्त रख दी है. दरअसल मायावती ने  सोमवार को कहा है कि अगर भारत बंद के दौरान "बेगुनाह लोगों" से केस वापस नहीं लिए गए तो वो अपना समर्थन वापस ले सकती हैं. 

मायावती की पार्टी ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि 'एससी/एसटी कानून 1989 व सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण की पूर्ण बहाली की मांग को लेकर 2 अप्रैल को किए गए 'भारत बंद' के दौरान उत्तर प्रदेश सहित भाजपा शासित राज्यों में से मध्य प्रदेश व राजस्थान में जातिगत और राजनीतिक द्वेष की भावना के तहत कार्रवाई की गई थी और निर्दोष लोगों को फंसाया गया था.'


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बसपा की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा आगे कहा गया कि गया है, '2 अप्रैल 2018 को भारत बंद के दौरान एससी/एसटी एक्ट 1989 के तहत राजस्थान और मध्यप्रदेश में जो केस दर्ज किया गया था उसे वापस लिया जाए, नहीं तो हमारी पार्टी कांग्रेस से समर्थन वापस ले लेगी.'


बता दें, 230 सीटों वाली मध्यप्रदेश विधानसभा में बसपा के दो विधायक हैं, वहीं राजस्थान में उनकी पार्टी के 6 विधायक हैं. कांग्रेस को इन दोनों राज्यों में पूर्ण बहुमत हासिल नहीं हुआ था. जिसके बाद बसपा ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया था.  

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मायावती ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में सरकार बनाने वाली कांग्रेस को बीजेपी की तरह काम नहीं करना चाहिए,  जोकि किसान और बेरोजगारों से किए हुए वादे पूरे नहीं कर पाई.

उन्होंने आगे बयान में कहा, "कांग्रेस के लिए चेतावनी आवश्यक है, क्योंकि अब केवल घोषणाएं करना पर्याप्त नहीं है. लोगों का मानना है कि कागजों पर वादे करने में, कांग्रेस और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. अब, यह कांग्रेस पर निर्भर करता है. क्या यह इस धारणा को बदलने में सक्षम है " .

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